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इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण अस्पताल से लौटे परिजन

7 वर्ष पहले
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शहर में डेंगू पीलिया से मौत अफसर योजना बनाते रहे

जानलेवा डेंगू ने शुक्रवार की रात नगर के एक और 45 वर्षीय युवक की जान ले ली है। गंजपारा दुर्ग निवासी मरीज को मंगलवार को चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां पर शुक्रवार को देर रात उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार डेंगू के चलते मरीज के रक्त में प्लेटलेट की संख्या काफी कम हो गई थी। जिसकी वजह से उसे बचाया नहीं जा सका। इस मौत के बाद ट्विन सिटी में एडीज मच्छर के काटने से होनी वाली मौत की संख्या चार पहुंच गई है। पहले ही नगर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती तीन मरीजों की जान डेंगू ले चूका हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग और नगरी निकाय के अधिकारी शहर में फैल चूके जानलेवा मच्छरों को खत्म करने की बजाय लारवा खत्म करने की योजना बनाने में लगे हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सूर्योदय नगर, गंजपारा रहने वाले कारपेंटर सालिक राम साहू को बुखार चढ़ने पर 16 सितंबर को चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल नेहरू नगर में भर्ती किया गया था। जहां पर उनके ब्लड सैंपल की जांच करने पर उन्हें डेंगू से पीड़ित होने का पता चला। उसके बाद से उनका अस्पताल में ही उनका डेंगू का उपचार किया जा रहा था। जहां पर 19 सितंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डेंगू के चलते सालिक राम के रक्त में प्लेटलेट बहुत कम हो गया था जिसकी वजह से उन्हें नहीं बचाया जा सका। मृतक के परिजन मनीष ने बताया कि मृतक घर में अकेला कमाने वाला था।

उसका एक बेटा और एक बेटी है जो अभी बहुत छोटे हैं। उपचार के लिए कर्ज तक लेना पड़ गया था। सालिक राम के शव को अस्पताल से सीधे उनके पैतृक गांव चरोटा, जिला धमतरी ले जाया गया है जहां पर शनिवार को उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।

^पीलिया से महिला की मौत की जानकारी मिली हैं। जांच के बाद ही पुष्टि की जा सकती है कि उसे पीलिया था कि नहीं। डेंगू से कल रात एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी मिली इसके रोकथाम के लिए आज शहरी एएनएम और मलेरिया कार्यकर्ताओं की बैठक ली गई है। छह टीमें बनाकर उन्हें दिशा निर्देश दिए गए हैं कि वे दुर्ग और भिलाई के संवेदनशील वार्डों में जाकर मरीजों की खोज करें और मिलने पर यह समझाइश दें की डेंगू होने पर ऐसे अस्पताल में एडमिट हो जहां पर खून चढ़ाने की सुविधा हो। ’’ डॉप्रशांत श्रीवास्तव, मुख्यचिकित्सा एवं स्