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आरटीओ दफ्तर में फाइल सुरक्षित रखने बनेंगे 4 कमरे

6 वर्ष पहले
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आरटीओकार्यालय में बेतरतीब पड़ी फाइलों को रखने के लिए अतिरिक्त कमरों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से 60 लाख रुपए का प्रस्ताव परिवहन मुख्यालय रायपुर भेजा जा चुका है। जहां से अनुमति मिलते ही कमरों का निर्माण शुरु हो जाएगा। इन कमरों के बनने से आवश्यक दस्तावेजों को रखने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल जाएगी वहीं आम जनता को भी आप काम से संबंधित अधिकारी कर्मचारी से मिलने में सहुलियत महसूस होगी।

ज्ञात हो की अभी आरटीआे कार्यलय में फाइलों को रखने के लिए जगह का अभाव है। जिसके कारण वाहनों से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की फाइलें कबाड़ की तरह पड़ी हुई हैं। इनमें बालोद और बेमेतरा जिले की भी फाइलें शामिल हैं। जो विभाजन से पहले दुर्ग जिले में ही आते थे और वहां की सभी वाहनों का पंजीयन परिवहन विभाग संबंधी अन्य कार्य दुर्ग कार्यालय से ही होता था। विभाजन के बाद पंजीयन को नए जिलों से होने लग गया लेकिन पुराने दस्तावेज अब भी दुर्ग कार्यालय में ही रखे हुए हैं। जिन्हें रखने में आरटीओ स्टाफ को दिक्कतें रही हैं। इसलिए कार्यलय में जहां कहीं भी खाली जगह मिल रही है वहां पर फाइलों को बंडल जमा दिया गया है।

लगगभ सभी कमरों में फाइलों का बंडल देखा जा सकता है। जिसके कारण स्टाफ के बैठने के लिए भी जगह की कमी हो रही है। वहीं आरटीओ से संबंधित कार्यों के लिए आने वाले लोगों के लिए कमरों में जगह नहीं है। अगर दो से तीन व्यक्ति भी एक साथ किसी अधिकारी या कर्मचारी के कमरे में जाएं तो खड़ें होने के लिए भी जगह नहीं बचती है। इस समस्या से निबटने के लिए अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन आयुक्त जेके ध्रूव ने चार अतिरिक्त कमरें के निर्माण का प्रस्ताव परिवहन मुख्यालय भेजा है। जिसे स्वीकृति भी मिल गई है। लेकिन निर्माण कार्य के लिए राशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। जो जल्द ही प्राप्त हो जाएगी। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग के माध्यम से निर्माण कार्य करवाया जाएगा।

दफ्तर की खाली जगह पर बनेंगे कमरे

बतायाजा रहा है कि चार अतिरिक्त कमरे के निर्माण के लिए परिवहन मुख्यालय से 60 लाख रुपए की मांग की गई है। इस राशि के मिलने के बाद परिवहन कार्यालय पीडब्लूडी से संपर्क करेगा। जिसके बाद पीडबलूडी इस निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी करेगी। उसके बाद निर्माण शुरु हाे पाएगा। प्रस्तावित 4 कमरों में से दो कमरे फाइलें रखने के लिए और दो कमरे स्टाफ के बैठने के लिए बनाए जाएंगे। दफ्तर के पीछे की खाली जगह का चयन किया गया है। लेकिन दो कमरों के लिए जगह पर्याप्त होने के कारण 2 कमरों को नीचे और उनके उपर दो कमरे बनाए जाएंगे।

दलालों का कार्यों में हस्तक्षेप होगा कम

फाइलोंके लिए अलग से स्टोर रूम बन जाने से वहां पर रखे दस्तावेज ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। कमरे के दरवाजे पर ताला लगा रहेगा और केवल अधिकृत स्टाफ को ही वहां जाने की अनुमति रहेगी। इससे विभागीय कार्यों में दलालों को हस्तक्षेप कम हो पाएगा। वर्तमान में अगर देखा जाए तो आरटीओ एजेंट अपने काम की फाइलों को खंगालते रोजाना देखे जा सकते हैं।

^चार कमरों के निर्माण के लिए 60 लाख रुपए का प्रस्ताव परिवहन मुख्यालय रायपुर भेजा गया है। वहां से राशि स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य पीडब्लूडी के माध्यम से करवाया जाएगा। इन कमरों के निर्माण से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सुरक्षित रहेंगे और स्टाफ की जगह भी व्यस्थित हो जाएगी। जिससे अागंतुकों को अपने काम करवाने में सहुलियत महसूस होगी।^ जेकेध्रूव, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन आयुक्त। दुर्ग