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रेलवे पर 40 करोड़ बकाया

6 वर्ष पहले
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राज्यकी नदियों से पानी लेने के मामले में राज्य शासन की एजेंसी जलसंसाधन विभाग रेलवे अामने-सामने हैं। जल संसाधन विभाग के अफसरों के अनुमान के मुताबिक पानी का 40 करोड़ रुपए से अधिक बिल रेलवे पर बकाया है। इसे लेकर रेलवे के संबंधित स्टेशनों क्षेत्रों को स्थानीय स्तर पर जलसंसाधन विभाग ने नोटिस भी जारी किया है, लेकिन अब तक बिलिंग राशि को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। अब जलसंसाधन विभाग रेलवे को नदियों से मिलने वाले पानी पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

जानकारी के मुताबिक जनवरी 2009 में राज्य शासन ने नदियों के पानी के उपयोग को लेकर एक संशोधन विधेयक लाया, जिसमें पानी के उपयोग से जुड़े अधिकार जलसंसाधन विभाग को दे दिए गए। इसके बाद से विभाग पानी के बदले पैसे लेने का अधिकारी हो गया। इसके बाद से लगातार हर महीने पानी की बिलिंग होने लगी। लेकिन रेलवे ने इसका भुगतान नहीं किया। जलसंसाधन विभाग के लगातार आदेशों की अनदेखी जारी रही। इसके कारण छत्तीसगढ़ में रेलवे पर पानी का बिल बढ़ता गया।

^बिलासपुर में करीब 25 से 28 करोड़, दुर्ग में करीब 82 लाख, इतनी ही राशि रायपुर में सहित अन्य जगहों पर नदी के पानी के उपयोग का पैसा रेलवे से लेना है। हमने तो लगातार नोटिस भी जारी किया है, लेकिन रेलवे ने ध्यान नहीं दिया। फिलहाल शासन स्तर पर मामले का समाधान खोजा जा रहा है। वर्ष 2009-10 से बिलिंग की गई है। पीकेअग्रवाल, कार्यपालन अभियंता, जलसंसाधन विभाग

कहीं भी नहीं किया है भुगतान

दुर्ग में आठ लाख लीटर पानी का उपयोग प्रतिदिन

जानकारीके मुताबिक दुर्ग में आठ लाख लीटर पानी का उपयोग रेलवे कर रहा है। इसके लिए मोहलई में रेलवे ने एक छोटा सा प्लांट भी बनाकर रखा है। जहां बड़े-बड़े मोटरों के माध्यम से रॉ वॉटर को स्टेशन पहुंचाया जाता है। जहां से जरूरत के हिसाब से पानी को फिल्टर कर लोगों के उपयोग के लिए पहुंचाया जाता है। इसके अलावा दुर्ग से निकलने वाली 13 एक्सप्रेस सुपरफास्टर ट्रेनों के करीब 156 डिब्बों को धोने में पानी का उपयोग होता है। इस प्रकार का उपयोग रायपुर, बिलासपुर, चापा सहित अन्य मुंबई-हावड़ा मुख्य मार्गों के बड़े स्टेशनों में किया जा रहा है।

शासन स्तर पर होना है मामले पर निर्णय

^मामलेमें शासन स्तर पर बातचीत जारी है। हम भी जनहित से जुड़े काम कर रहे हैं। करेंट भुगतान हमारे द्वारा किया जा रहा है। एरियर्र राशि पर चर्चा हो रही है। अचानक विभाग ने बिलिंग शुरू कर दिया। हम सालों से पानी ले रहे थे। कभी बिलिंग नहीं हुई। हमारा एकाउंट सेक्शन भी इस पर काम कर रहा है। हम बिलिंग राशि अवश्य विभाग को अदा करेंगे। राजीवसक्सेना, डीआोरएम रायपुर रेलवे मंडल

प्रतिघन मीटर के हिसाब से बिलिंग

जलसंसाधनविभाग के अफसरों के मुताबिक रेलवे को बिलिंग 3.60 रुपए के हिसाब से की जा रही है। इसमें भी जनहित के लिए उपयोग में आने वाले पानी को छोड़कर बिलिंग की जा रही है। मुख्य रूप से ट्रेनों के डिब्बों को धोने के लिए उपयोग होने वाले पानी को लेकर बिलिंग की गई है।