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आचार संहिता में लोगों का राशन-पानी भी उलझा

7 वर्ष पहले
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चुनावीआचार संहिता के बीच आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रोजमर्रा के कामों को करवाने के लिए नगर निगम पहुंच रहे लोगों की उलझन बढ़ गई है। नए राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। खाद्यान्न के लिए पात्र होने के बावजूद नए लोगों को पात्रता पर्ची भी नहीं मिल पा रही है।

पानी के लिए नए नल कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। इस कारण लोग निराश होकर लौट रहे हैं। राशन और पानी ही नहीं नए आवेदन करने पर सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। चुनाव परिणाम आने तक ऐसी ही स्थिति रहेगी। दुर्ग में आचार संहिता लागू होने के कारण लोगों को कई तरह के बहाने बताकर लौटाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन लोगों से लिए जा रहे हैं लेकिन स्वीकृति नहीं दी जा रही है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

संतराबाड़ी निवासी रामलाल साहू का कहना था कि निगम में नल कनेक्शन के लिए महीनों से आवेदन दिया गया है पर अब तक स्वीकृत नहीं मिली है। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से शिकायत भी की। वहीं रमेश ताम्रकर का कहना है कि वह सिकोला बस्ती में रहता है लेकिन नया नल कनेक्शन देने से मना कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव के बाद ही कनेक्शन मिल सकेगा। इस संबंध में निगम आयुक्त एसके सुंदरानी का कहना है कि जनता से जुड़े कार्यों को बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है। लोगों के काम कराए जाएंगे।

आम लोगों को यह हो रही समस्या

>नएराशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे। पुराने राशन कार्ड में नए नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं।

>सामाजिक सुरक्षा पेंशन की नई स्वीकृति नहीं दी जा रही है। आवेदन लिए जा रहे हैं लेकिन स्वीकृति चुनाव के बाद ही मिलेगी।

>ऋण योजना के फार्म नहीं लिए जा रहे हैं।

>अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों को खाद्यान्न की पात्रता पर्ची नहीं मिल पा रही है।