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पहचान बताए बिना अब वोट डालने की नहीं मिलेगी इजाजत
निगमचुनाव में वोट डालने के लिए मतदाता को अपनी पहचान साबित करने के लिए तयशुदा दस्तावेजों में से किसी एक को पेश करना ही होगा। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे वोट डालने की इजाजत नहीं मिलेगी।
मतदाताओं की पहचान संबंधी प्रावधानों में उस धारा को हटा दिया गया है, जिसमें पहचानपत्र होने की स्थिति में भी मतदान करने की इजाजत दिए जाने की व्यवस्था थी। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अगर मतदाता अपनी पहचान स्थापित करने के लिए कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो ऐसी स्थिति में पीठासीन अधिकारी क्या करेगा।
अधिकारविलोपित : पीठासीनअिधकारी को यह अिधकार था कि वह किसी स्थानीय शिक्षक, शासकीय कर्मचारी या प्रतिष्ठित व्यक्ति की शिनाख्त पर मतदाता को वोट डालने की इजाजत दे दे। अब इस प्रावधान को हटा दिया गया है।
पहचान के 18 दस्तावेज तय
राज्यनिर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो युक्त मतदाता पर्ची, चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस, राशन कार्ड, बैंक/किसान/डाकघर पासबुक, फोटोयुक्त सम्पत्ति दस्तावेज जैसे पट्टा, रजिस्ट्री, विकलांगता प्रमाणपत्र, निराश्रित प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, आयकर पहचान प्रमाणपत्र (पेन कार्ड), केंद्र या राज्य सरकार के निकाय या उपक्रम या निजी उपक्रम के कर्मचारियों को जारी अिधकृत पहचान पत्र, छात्र प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पेंशन दस्तावेज, रेलवे पहचान पत्र, स्वतंत्रता सैनानी पहचान पत्र, फोटोयुक्त आधार कार्ड।