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पशु विकास के लिए वैज्ञानिक रिसर्च जरूरी

6 वर्ष पहले
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वेटनरीकॉलेज अंजोरा में बुधवार को पशुओं के स्वास्थ्य पोषण विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार हुआ। इसमें देशभर से आए 90 से वेटनरी विशेषज्ञ शामिल हुए। सेमिनार का उद्घाटन कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पशुधन को बढ़ावा देने पशुपालकों, कृषकों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से वेटनरी कॉलेज की स्थापना की गई है।

पशु विकास के लिए वैज्ञानिक शोध आवश्यक है। वैज्ञानिक शोध का लाभ पशुपालकों को मिल सके। इसलिए ऐसे सेमिनार का आयोजन किया जाता है। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूके मिश्रा डीन वेटनरी कॉलेज डॉ. एसपी तिवारी को दिलाया।

मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक शोध को हिन्दी में भी प्रकाशन किया जाना चाहिए। ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री रमशीला साहू ने की। विशेष रूप से मुख्य सचिव अजय सिंग, कुलपति डॉ. यूके मिश्रा मौजूद थे। सेमिनार में मंत्री अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि विश्व मेें हर किसी का विकास होना चाहिए। रिसर्च आज जरुरी है। सबसे बड़ा वैज्ञानिक यादव है, जो कई वर्षो से जानवरों का पालन पोषण कर रहा है। पशु स्वास्थ्य, उत्पादन के क्षेत्र में शोध के साथ ही पशु आहार की नई किस्म विकसित की जानी चाहिए। पशु स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में नए शोध एवं टीके विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने कॉलेज यूनिवर्सिटी को हर जरूरी मदद का भरोसा दिलाया। मंत्री रमशीला साहू ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन प्रदेश देश का अमूल्य धरोहर है। प्रदेश की जनता के रोजगार एवं आय का प्रमुख हिस्सा कृषि एवं पशुपालन है।

वेटनरी कॉलेज के राष्ट्रीय सेमिनार में छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

आज अन्य विषयों का व्याख्यान, कल समापन

वेटनरीकॉलेज द्वारा आयोजित सेमिनार का आयोजन 13 फरवरी तक किया जाएगा। 12 फरवरी को अन्य विषयों से जुड़े सेमिनार आयोजित होंगे। 13 फरवरी को सेमिनार का समापन होगा। इस अवसर पर वार्षिक सम्मेलन का भी आयोजन किया गया है, जिसमें विविध कार्यक्रम होंगे। वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. एसपी तिवारी ने बताया कि कॉलेेज द्वारा यूनिवर्सिटी के मार्गदर्शन में इस प्रकार के आयोजन कराते रहते हैं। यह 29 वां अवसर है।