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जूट के बैग बनाने वाली समितियों को मिलेगा लोन
जूटबनाने वाली समितियाें को ऋण दिया जाएगा। स्व सहायता समूहों को लोन दिए जाने के लिए बैंकों से भी अनुशंसा की जाएगी। इसे लेकर बुधवार को निगम आयुक्त एसके सुंदरानी ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत ग्रेडिंग समिति की बैठक ली।
बैठक में लीड बैंक के अधिकारियों के अलावा स्व सहायता समूह के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में आयुक्त ने कहा कि छह माह पूर्व बने समूहों को दस हजार आवर्ती निधि इसके पूर्व के समूहों को ऋण जूट कागज के बैग बनाने सहित अन्य कार्यों के लिए ऋण प्रदान किए जाते हैं। इसके लिए बैठक पंजी, ऋण पंजी का परीक्षण कर मूल्यांकन किया जाना है। इसके तहत ही यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में परीक्षण के उपरांत 23 स्व सहायता समूह को दस हजार रुपए आवर्ती निधि की मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा आठ ऐसे समूहों को ऋण प्रदान करने की अनुशंसा बैंकों को की गई। उक्त समूहों को आवर्ती निधि पूर्व में दी जा चुकी है। आयुक्त ने इस अवसर पर कहा कि समूह छोटे-बड़े व्यवसाय कर रोजगार का साधन जुटा सकते हैं। वर्तमान में पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध के बाद उसका विकल्प तलाशा जा रहा है। कागज जूट के बैग इसके बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
इस दिशा में काम करने की जरूरत है। आयुक्त ने कहा कि शासन के मंशा के अनुरूप समूहों के अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराए जाएं। लीड बैंक के प्रबंधक बीजे भस्मे ने कार्ड, समूहों को जोड़ने, ऋण, व्यक्तिगत ऋण से जुड़ी जानकारियां दी। शहरी आजीविका मिशन के केके मनसाना ने योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को एकत्रित कर समूह बनाने बल दिया। बैठक में उमेश श्रीवास्तव, रविकांत ठाकुर, रवि दुबे, अहमद अली, संतोष कसार सहित अन्य मौजूद थे।