टाइनी टॉट्स स्कूल में जांच करने पहुंचा शिक्षा विभाग का अमला
मान्यता रद्द होने के बाद भी नए एडमिशन देने की शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग शुक्रवार को टाइनी टाट्स स्कूल के कुरूद स्थित कैंपस में दबिश दी। जांचकर्ता एमपी शुक्ला ने स्कूल के रजिस्टर खंगाले और नए एडमिशन से संबंधित पड़ताल की। उनके हाथ कुछ नहीं लगा। आश्चर्य की बात यह है कि खुले तौर पर नए एडमिशन का विज्ञापन करने के बाद भी जांचकर्ता को ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला, जिससे प्रमाणित हो सके कि नए एडमिशन दिए जा रहे हैं।
जिला शिक्षा विभाग ने 20 जनवरी को सेक्टर-2 में संचालित टाइनी टाट्स की मान्यता रद्द करने लोक शिक्षण संचालनालय को अनुशंसा भेजी थी। लोक शिक्षण संचालनालय ने भी 11 फरवरी काे स्वीकृति दे दी। जल्द शासन द्वारा भी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगा। इसके बाद भी टाइनी टाट्स प्रबंधन नए सत्र में प्रवेश के लिए विज्ञापन दे रहा है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने स्कूल कुरूद में शिफ्ट कर दिया है। जहां पर नए नाम के साथ नई मान्यता लेकर स्कूल संचालन करने की योजना स्कूल प्रबंधन बना रहा है। इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि स्कूल प्रबंधन ने सेक्टर-2 स्थित अपनी पुरानी बिल्डिंग में नोटिस चस्पा किया है। आरएमएसए के सहायक जिला परियोजना अधिकारी एमपी शुक्ला ने शुक्रवार को कुरुद स्थिति टाइनी टाट्स स्कूल में दबिश दी। उन्होंने शिक्षकों व स्कूल स्टाफ से पूछताछ की।
सत्र पूरा करवाने की अनुमति, एडमिशन की नहीं
स्टाफ द्वारा सूचना देने पर धीरेंद्र सिंह सहित स्कूल प्रबंधन के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जांचकर्ता शुक्ला को बताया कि इस सत्र को पूरा करने की जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें अनुमति दे रखी है। बच्चों का भविष्य खराब न हो, इसलिए वे यहां सत्र पूरा करवा रहे हैं। नया प्रवेश किसी को भी नहीं दिया जा रहा है। जांचकर्ता ने कहा कि आप को जो भी कहना है जिला शिक्षा अधिकारी से कहिए, उन्हीं के निर्देश पर जांच की जा रही है। यह कह कर एमपी शुक्ला वहां से लौट गए। इसके बाद स्कूल प्रबंधन के लोग भी उनके पीछे डीईओ कार्यालय पहुंच गए और वहां अपनी बात रखी।
टाइनी टाट्स के कुरूद स्थित परिसर में आज शिक्षा विभाग के अधिकारी ने दबिश दी। उन्हें नए एडमिशन के कोई प्रमाण नहीं मिले। स्कूल ने भी इससे इनकार किया है। उन्हें सख्त निर्देश दिए हैं कि आगामी सत्र के लिए एडमिशन न दें। जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उन पर भी अन्य स्कूल में एडमिशन लेने दबाव न बनाएं। मई में स्कूल बंद होने के बाद पालक जहां चाहें, वहां एडमिशन करवा सकते हैं। एएन बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग
जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष दी अपनी सफाई
डीईओ एएन बंजारा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि वे कुरूद में स्कूल शिफ्ट कर सिर्फ अपना सत्र पूरा कर रहे हैं। उन्होंने किसी को भी नए सत्र के लिए एडमिशन नहीं दिया है। उन्हें पता नहीं, किसने उनकी पुरानी बिल्डिंग में एडमिशन ओपन चस्पा किया है। उनके नाम से कौन विज्ञापन कर रहा है। जो झूठ है। क्योंकि स्कूल की पुरानी बिल्डिंग में चस्पा किए गए नंबरों में फोन करने पर साफ कहा जा रहा है कि एडमिशन आेपन है, अप्रैल तक नए एडमिशन लिए जाएंगे।
शुक्रवार को जांच करने पहुंचे अिधकारी ने रजिस्टर आदि भी देखे।
स्कूल मेंे जांच अधिकारी ने स्टाफ से की पूछताछ
12 फरवरी को प्रकाशित खबर