- Hindi News
- हक का रुपया लेने में भी रुचि नहीं ले रहे जिले के बेरोजगार
हक का रुपया लेने में भी रुचि नहीं ले रहे जिले के बेरोजगार
जिलेमें पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में ताबड़तोड़ वृद्धि हो रही है। इनमें से बीपीएल श्रेणी के बेरोजगारों को राहत पहुंचाने शासन द्वारा प्रतिमाह भत्ता दिया जा रहा है। लेकिन विडंबना यह है कि हक का रुपया लेने में भी बेरोजगार रुचि नहीं ले रहे हैं।
रोजगार संचनालय द्वारा 12 वीं पास बीपीएल बेरोजगारों को प्रतिमाह 1000 रुपए भत्ता दिया जाता है। शहरी के साथ-साथ ग्रामीण बेरोजगार भी शासन की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। लेकिन गिनती के बेरोजगारों को ही भत्ता मिल रहा है। जिले में वैसे पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 2 लाख 77 हजार 588 है। जिसमें 25 हजार से अधिक बीपीएल बेरोजगारों की संख्या है। हर साल यह आंकड़ा बढ़ते भी जा रहा है। बावजूद बेरोजगारी भत्ता लेने में बेरोजगार रुचि नहीं ले रहे है। इसके पीछे मूल वजह जानकारी के अभाव नियमों की पेचीदगी को ही माना जा रहा है।
राज्य संचालनालय प्रतिवर्ष प्रदेशभर के रोजगार दफ्तरों को लाखों रुपया बेरोजगारी भत्ता देने के लिए आवंटित करती है। रोजगार कार्यालय द्वारा इस पैसे को नगर निगम, नगर पालिका जनपद पंचायत को दे दिया जाता है। जहां से पात्रता रखने वाले बीपीएल बेरोजगारों को भत्ता दिया जाता है। लेकिन जिले में इस योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। पात्रका का निर्धारण करते समय नियमों की अनदेखी कर कभी बेरोजगारों के आने तो कभी अपात्र होने का बहाना कर दिया जाता है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण भी इस योजना का सफल संचालन नहीं हो पा रहा है। इस साल 1965 बीपीएल बेरोजगारों ने भत्ता लेने के लिए आवेदन किया था। जिसमें से 1415 के आवेदनों की जांचकर पात्र घोषित किया गया है।
रुचि नहीं लेते बेरोजगार
उपसंचालक संभागीय रोजगार अधिकारी एसआर नेताम ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता देने के रोजगार संचनालय से जो भी राशि प्राप्त होती है उसको स्थानीय निकायों को दे दिया जाता है। वे ही पात्रता का चयन कर बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करते हैं। बेरोजगारों को राहत प्रदान करने शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन बेरोजगारों में रुचि नहीं होने के कारण शासन की योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
क्या है प्रक्रिया
रोजगारकार्यालय द्वारा हर साल बीपीएल श्रेणी के बेरोजगारों को भत्ता प्रदान करने के लिए राशि आवंटित की जाती है। आवेदन नगरीय निकाय