घर काे अस्पताल बनाकर वसूला सरकार से बिल
पेंड्री गांव का मामला, सरकारी खजाने से प्रति महिला वसूला जा रहा था 2300 रुपए
सिटीरिपोर्टर | दुर्ग
दुर्गजिले के ग्राम पेंड्री में महिलाओं की जान को जोखिम में डालते हुए प्रसव करवाने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग का अमला एक निजी मकान में प्रसव करा कर अपने ही विभाग की आंखों में धूल झोंक रहा था और संस्थागत प्रसव के नाम पर चेक भी जारी करवा रहा था। इसका खुलासा जिला स्वास्थ्य विभाग के ही एक अधिकारी ने किया है। मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच के लिए एक कमेटी बनाई है।
मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर संदीप ताम्रकार दो फरवरी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करने धमधा ब्लॉक के पेंड्री स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे थे। उन्होंने पाया कि 31 महिलाओं का असुरक्षित तरीके से घर में ही प्रसव कराया गया है। इसके बावजूद सभी प्रसव को स्वास्थ्य केन्द्र में होना बताकर उनके नाम पर सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का चेक भी जारी कर दिया गया है। पूरे फर्जीवाड़े में पैसे जारी करने वाले सेक्टर मेडिकल ऑफिसर डॉ. रश्मि बनोटे, स्वास्थ्य केन्द्र की एएनएम सावित्री यादव, सहित नर्स, मितानिन, मितानिन सुपरवाइजर, महिला स्वास्थ्यकर्ता, पुरुष स्वास्थ्यकर्ता, सुपरवाइजर सभी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सभी ने मिलकर अपने-अपने स्तर पर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है प्रत्येक महिला के नाम पर 1400 रुपए का चेक, 600 रुपए एक प्रसव के लिए मितानिन को, एएनएम को भी एक प्रसव के लिए 300 रुपए दिए जाते हैं, जो उन 31 महिलाओं के नाम पर जारी किए गए हैं। यानी एक महिला के नाम पर 2300 रुपए जारी कर दिए गए। डीपीएम संदीप ताम्रकार ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव से की है। सीएमएचओ ने बीएमओ डॉ. ठाकुर को मामले की जांच करने निर्देश दिए। बीएमओ ने स्टाफ के बयान दर्ज किए हैं।
जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई होगी
^पेंड्रीमें उपस्वास्थ्य केंद्र की बजाय एक निजी मकान में प्रसव कराने की शिकायत मिली है। इसे प्रथम दृष्टया ही संदिग्ध मानते हुए इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग के दोषी स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\' डॉ.प्रशांत श्रीवास्तव, सीएमएचओ