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देवांगन युवाओं ने नहीं भूली संस्कृति, पुणे में मनाई जयंती
वर्तमानदौर में जहां युवा अपनी संस्कृति और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं, तो वहीं पुणे में लाखों की नौकरी कर रहे युवाओं ने वहां समाज की संस्कृति से जुड़े परमेश्वरी जयंती को धूमधाम से मनाया।
पुणे में जयंती मनाए जाने का यह पहला मौका था। कार्यक्रम आयोजित करने वाले दुर्ग के देवेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश से दूर समाज के लोगों को एक मंच पर लाना शुरुआत में बेहद मुश्किल था, उन्होंने सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों के जरिए समाज के युवाओं को आयोजन से जोड़ा। उन्होंने छत्तीसगढ़ से पुणे नौकरी करने आए 80 लोगों से संपर्क किया, इनमें से 50 युवा अपने परिवार के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। रायपुर के हितेश देवांगन, अश्वनी देवांगन और कुणाल देवांगन ने कहा कि वे लंबे समय से पुणे में रह रहे हैं।
उन्हें हमेशा अपने राज्य की संस्कृति से दूरी खलती थी, लेकिन परमेश्वरी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम ने उन्हें परदेश में भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति के करीब ला दिया। पुणे के बानेर इलाके के एक होटल में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि रायपुर के मदनलाल देवांगन, रोहित देवांगन, नरेंद्र देवांगन एवं रायगढ़ के रोहित देवांगन थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने हर वर्ष इसी तरह धूमधाम से परमेश्वरी महोत्सव मनाने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राज्य की झलक: परमेश्वरी जयंती पर पूजा-अर्चना के बाद समाज के युवाओं के साथ ही उनके परिवार की महिलाआें और बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इसमें राज्य की संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां दी गईं। देवेंद्र एवं प्रीति देवांगन ने छत्तीसगढ़ी नृत्य, अभिषेक देवांगन ने हारमुनियम एवं पंकज देवांगन ने मिमकरी का टैलेंट दिखाया। साथ ही विभिन्न तरह के खेल भी आयोजित किए गए। इसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।