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होम एग्जाम में भी लगेगी एक्सटर्नल की ड्यूटी
सरकारीस्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने इस बार होम एग्जाम के लिए भी एक्सटर्नल नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रधान पाठकों से इसका पालन करने कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों कि पहली से आठवीं तक सतत् एवं समग्र मूल्यांकन प्रचलित है। इस मूल्यांकन प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थी के समग्र व्यक्तित्व और अधिगम स्तर का आकलन किया जाता है। लेकिन जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के सरकारी स्कूलों को निरीक्षण किया तो पाया कि सतत् एवं समग्र मूल्यांकन की अवधारणा के अनुरूप विद्यार्थियों का मूल्यांकन नहीं किया जा रहा है। शिक्षक सिर्फ यह समझ कर काम कर रहे हैं कि विद्यार्थी को 8वीं तक उत्तीर्ण किया जाना है फिर चाहे उसके ज्ञान का स्तर जो भी हो। इसका परिणाम यह निकल रहा है कि 8वी पास बच्चे को हिन्दी अंग्रेजी के वाक्य पढ़ने में दिक्कत होती है। विद्यार्थी साधारण जोड़ घटाना तक नहीं कर पा रहे हैं। इसी तरह डी एवं ग्रेड के बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षा भी प्रभावी नहीं दिख रहा है। इसलिए सतत् एवं समय मूल्यांकन में कसावट लाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने इस बार से कक्षा 1 से आठवीं तक के फॉरमेटिव समेटिव परीक्षा एक्सटर्नल की देखरेख में कराई जाएगी।
इसी प्रकार 9 वीं और 11वीं की प्रायोगिक परीक्षा में भी एक्सटर्नल की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा के अनुसार इसका पालन करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने वाले शिक्षक, प्रधानपाठक प्राचार्य पर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा अधिकारी ने बताया ये करना होगा सरकारी स्कूलों को
श्रीबंजारे ने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में एमएलएल (न्यूनतम अधिगम स्तर) के अनुरूप माहवार, कक्षावार विषयवार पढ़ाई कराई जाएगी। लइका मड़ई के दिन अभिभावकों को बच्चों के स्तर से अवगत कराया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक को एमएलएल के बारे में जानकारी के साथ उनकी डेली डायरी में भी विवरण रखा जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी का प्रगति रिपोर्ट और रिकार्ड लगातार मेंटेन किए जाएंगे। पालक को विद्यालय में बुलाकर हस्ताक्षर लिए जाएंगे। फरवरी में होने वाली फॉरमेटिव और अप्रैल में समेटिव परीक्षा के लिए बाह्य परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे। बाह्य परीक्षक जिले के किसी भी विद्यालय के प्रधान पाठक या शिक्षक हो सकते हैं। बाह्य परीक्षक फॉरमेटिव 1 2 और समेटिव - 1 के रिकार्ड भी चेक करेंगे। फॉरमेटिव 3 समेटिव 2 परीक्षा पूरे जिले में एक साथ होंगी। वार्षिक परीक्षा यानि समेटिव 2 के परिणाम की घोषणा गांव में सम्मेलन आयोजित कर की जाएगी। जिसमें प्रत्येक अभिभावक को आमंत्रित किया जाएगा।
पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की ट्रैकिंग भी करेंगे सरकारी स्कूल
स्कूलोंके निरीक्षण और यूडाइस के आंकड़ों से यह बात सामने आई है कि 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों की दर्ज संख्या कम होती जा रही है। स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की स्थिति लोकेशन भी स्कूलों का मालूम नहीं है। इसलिए विद्यार्थियों का ट्रैकिंग रिकार्ड शाला स्तर पर दुरुस्त किया जाए। उनके लोकेशन के आधार पर यह पता लगेगा कि स्कूल छोड़ने के बाद विद्यार्थी कहीं पर अध्ययनरत है या नहीं। वहीं चालू सत्र में नवमी और ग्यारहवीं में पूरक या फेल होने वाले विद्यार्थी के लिए उपचारात्मक शिक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा की तरह ही 9वीं एवं 11वीं के वार्षिक परीक्षा से पहले मॉडल परीक्षा ली जाएगी।
9 11 वीं का प्रैक्टिकल लेंगे एक्सटर्नल
उन्होंनेबताया कि इस सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में 10वीं और 12वीं बोर्ड की तरह ही 9वीं 11वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। जिसके परीक्षण के लिए एक्सटर्नल की ड्यूटी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य स्कूलों में सालभर कराए गए प्रायोगिक कार्यों की गुणवत्ता का सही परीक्षण करना है। प्रायोगिक परीक्षाएं लिखित परीक्षा से पहले होंगी। किसी कारणवश नहीं हो पाया तो लिखित परीक्षा के बाद प्रायोगिक परीक्षा स्कूल को करवाना होगा।