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65 करोड़ खर्च होने के बावजूद लोगों तक नहीं पहुंचा पानी

6 वर्ष पहले
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शहरकी पेयजल से जुड़े विषय को लेकर पीएचई जिला प्रशासन के अफसर तनिक भी गंभीर नहीं है। इसके कारण अब तक निगम क्षेत्र में वृहद पेयजल योजना फेज-टू शुरू नहीं हो पाई है।

भास्कर ने इसे लेकर पहले ही पड़ताल के बाद खुलासा किया था, कि 2016 तक योजना शुरू हो पाएगी। बावजूद अफसरों की लेटलतीफी जारी है। मंगलवार को विधायक अरुण वोरा योजना के कामों का जायजा लेने शिवनाथ नदी स्थित इंटकवेल मालवीय नगर चौक स्थित फिल्टर प्लांट पहुंचे। इस दौरान पता चला कि इंटकवेल का काम 65 फीसदी हो पाया है। वहीं फिल्टर प्लांट 70 फीसदी बन पाया है। विधायक ने नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाने कहा। उनके साथ सभापति राजकुमार नारायणी भी थे। गौरतलब है कि करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से आउटर कॉलोनियों क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए फेज-टू योजना तैयार की गई है। 65 करोड़ रुपए से अधिक राशि योजना के तहत खर्च हो चुकी है, लेकिन एक बूंद पानी लोगों को नहीं मिल पाया है। विधायक सभापति ने निरीक्षण के दौरान मौके पर ही पीएचई निगम के अधिकारियों को बुलाया। चेतावनी दी कि काम को जल्द पूरा किया जाए। गर्मी में हर हालत में लोगों को पेयजल की आपूर्ति होनी चाहिए। पीएचई के अधिकारियों ने कहा कि जून तक वृहद पेयजल योजना का काम पूरा हो जाएगा। सभापति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि युद्ध स्तर पर कार्य किए जाए। फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान महापौर चंद्रिका चंद्राकर भी एमआईसी सदस्यों के साथ पहुंच गईं। महापौर ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में विलंब होता है तो निगम वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों से आपूर्ति कराएगा।

मौके पर आरएन वर्मा, देवकुमार जंघेल, राजेश शर्मा, लीलाधर पाल, संजय कोहले, आरके जैन, नारायण ठाकुर, पीएचई से सहायक अभियंता आर भट्‌टाचार्य, एनपी सिल्पी, वीएस राणा भी मौजूद थे।

विधायक फिल्टर प्लांट पहुंचे मौके पर अधिकारियों को बुलाकर जायजा लिया।

गर्मी में पर्याप्त पानी नहीं मिला तो देंगे धरना

वोराने विभागीय अफसरों को अल्टीमेटम दिया है कि जल्द काम पूरा नहीं होता। गर्मी में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो वे धरने पर बैठेंगे। मामले को विधानसभा में उठाएंगे। इंजीनियरों की गाइडलाइन के मुताबिक प्रति तीन माह में मटेरियल के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। लेटलतीफी के कारण लगातार लागत बढ़ रही है। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है।