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संस्कृत का पर्चा लिखा हिंदी में, सिर्फ इस साल होंगे पास
रायपुर | एमएसंस्कृत के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सत्र 2014 की सेमेस्टर वार्षिक परीक्षा में हिंदी में जवाब देने वाले छात्रों की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन होगा। गुरुवार को विवि में हुई कार्यपरिषद की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। जिन छात्रों ने जवाब हिंदी में लिखा है उनकी अंकसूची में माध्यम हिंदी होगा। जिन्होंने संस्कृत में जवाब दिया है, उसमें माध्यम संस्कृत होगा।
संस्कृत के छात्रों को संस्कृत में ही जवाब देने की बाध्यता कुछ साल पहले ही विवि में लागू है। इस साल विश्वविद्यालय ने इसमें सख्ती की। निर्देशों के बाद भी मुख्य परीक्षा में सैकड़ों की संख्या में और सेमेस्टर परीक्षाओं में छात्रों ने अपने जवाब संस्कृत को छोड़कर हिंदी भाषा में दिया। हिंदी में जवाब देने वाले छात्रों की उत्तरपुस्तिका नहीं जांची गई और वे फेल घोषित किए गए। इसे लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया था। यही वजह है कि आज इस मामले को कार्यपरिषद में रखा गया था।
छहकॉलेजों की अस्थायी संबद्धता खत्म : सत्र2014-15 से छह कॉलेजों की अस्थायी संबद्धता समाप्त होगी। कार्यपरिषद में हुए फैसले के अनुसार इनमें अवीवा कॉलेज बैरन बाजार, गरीब नवाज उर्दू कालेज बैजनाथपारा, राजनांदगांव कॉलेज ऑफ कामर्स एंड आईटी, एकेएस कॉलेज भेण्डरा धमतरी, श्री महावीर जैन कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय पुलगांव चौक दुर्ग तथा क्रेडेन्स गर्ल्स कॉलेज पदभनाभपुर हैं।
इसके अलावा, विवि के मापदंड में खरे नहीं उतरने वाले दर्जनों कॉलेजों को कारण बनाओ नोटिस भेजा जाएगा।