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फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने में देरी, पावती लगाकर काम चला रही पुलिस

7 वर्ष पहले
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भारतीयसाक्ष्य अधिनियम में किसी अपराध के संदर्भ में विशेषज्ञ के रिपोर्ट की अहमियत के कारण लगभग हर मेडिकोलीगल मामलों में फॉरेन्सिक जांच रिपोर्ट की आवश्यकता महसूस की जाती है। लेकिन यह विडंबना है कि छत्तीसगढ़ से 27 जिले में फॉरेंसकि जांच के लिए कुछ छह विशेषज्ञ है। राज्य के 27 जिलों के लिए एक ही सर्वसुविधायुक्त फॉरेंसिक लैब रायपुर में होने से इस पर भार जरूरत से ज्यादा है। वहीं विशेषज्ञों संसाधनों की कमी से जरूरी मामलों में भी जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पाती है। जिसके कारण पुलिस वाले कोर्ट में चालान पेश करने के लिए पावती से ही काम चला रहे हैं।

सर्पदंशके मामलों में अनावश्यक देरी : आमतौरपर सर्पदंश से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा देती है। लेकिन ऐसे मामले में मुआवजा प्रकरण तय करने के लिए मृत्यु का कारण बताना जरूरी होता है। इसके लिए मृतक का बिसरा परीक्षण के लिए भेजा जाता है। लेकिन बिसरा रिपोर्ट आने में ज्यादा देर हो जाती है। ऐसे मामले न्यायालयों से बाहर होने से इससे संबंधित लोग सिर्फ इंतजार ही करते हैं। न्यायालयीन प्रकरण नहीं होने से इसमें पुलिस भी दिलचस्पी नहीं लेती है। इस समय सबसे ज्यादा मामले इसी से संबंधित लंबित हैं।

फॉरेन्सिक एक्सपर्ट अनुपमा मेश्राम ने बताया कि लंबित मामलों की संख्या तेजी से घटी है। लेकिन अभी यह बताना मुश्किल है कि वर्तमान में कुल कितने प्रकरण लंबित है। उनका कहना है कि बिसरा रिपोर्ट के मामले में गंभीरता बरती जाती है। कोशिश की जाती है पुलिस को कोर्ट में चालान पेश करने में परेशानी हो। उन्होंने बताया कि एफएसएल रायपुर में पदस्थ वैज्ञानिकों के काम बांट हुए हैं। मानवाधिकार जेल से संबंधित मामले प्राथमिकता से निपटाए जा रहे हैं।

प्रकरण के निपटारे में रही तेजी

रायपुर में कम हुआ दबाव

एफएसएलका दफ्तर अब जगदलपुर और अंबिकापुर में खुल गया है। इससे पहले इस क्षेत्र के भी सभी प्रकरण जांच के लिए रायपुर आते थे। जिससे काम का दबाव रहता है। दो नए दफ्तर खुलने से जगदलपुर और अंबिकापुर क्षेत्र के मामलों की रिपोर्ट वहीं तैयार हो जाती है।

लगाई जा रही पावती

पुलिसको किसी आपराधिक मामले में 90 दिन के भीतर चालान पेश करना होता है। लेकिन इस अवधि में फॉरेन्सिक जांच रिपोर्ट आमतौर पर नहीं पाती है। जिससे चालान में परीक्षण के लिए एफएसएल भेजने की पावती लगा कर पेश कर दि