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शिकायत के बाद चार माह चली जांच, अब जुर्म दर्ज
कांग्रेस नेता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई सवालों के घेरे में
सिटीरिपोर्टर|दुर्ग
कांग्रेसजनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ के नेता मनोज राजपूत पर शिकायत के करीब चार महीने बाद मोहन नगर पुलिस ने गुपचुप अपराध दर्ज किया। इसकी खबर किसी को नहीं लगने दी। जांच के नाम पर चार महीने तक मामले को अटकाया गया। अब अपराध दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी को लेकर हीलाहवाला जारी है।
बैगापारा निवासी दुरपत बाई चंद्राकर उनके पुत्र मेहत्तर चंद्राकर ने पहले कोतवाली थाने में मनोज राजपूत के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। जहां सुनवाई नहीं होने पर दुरपत मेहत्तर ने कलेक्टर पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की। इसके बाद मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। 28 अगस्त को दर्ज शिकायत के आधार पर मोहन नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। धोखाधड़ी के मामले में जांच में चार महीने लग गए। जांच के बाद पुलिस ने धारा 420 के तहत मनोज के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार सिकोलाभाठा में स्थित मेहत्तर की जमीन के लिए मनोज ने 2 अप्रैल 2012 को इकरारनामा किया। 2 जून 2013 तक जमीन की रजिस्ट्री कराई जानी थी। इसके पूर्व मनोज ने 2 अप्रैल 2012 को तीन लाख, पांच नवंबर 2012 को चार लाख, तीन दिसंबर को एक लाख, दो जनवरी 2013 को एक लाख, 27 फरवरी 2013 को तीन लाख इस प्रकार 12 लाख रुपए दिए। इकरार की शर्त के अनुसार मेहत्तर ने डॉ. बद्रीनारायण देवांगन, देवप्रभा देवांगन डॉ. सौम्या शर्मा के नाम पर जमीन का टुकड़ा बेच दिया।
मनोज राजपूत ने दस्तावेज तैयार कराया। सौम्या बद्रीनारायण से जमीन के 26 लाख रुपए लेने थे, जिसे मेहत्तर को नहीं दिया गया। जबकि मनोज ने खरीदी-बिक्री को लेकर दलाली की। वर्तमान में जिस जमीन को बेचने का इकरारनामा किया गया, उसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए है। मेहत्तर का आरोप है कि मनोज ने उक्त राशि दोनों खरीदारों से ले ली। बहरहाल पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर लिया है। विवेचना जारी है। मनोज कांग्रेस के सक्रिय नेता हैं।
होगी जल्द गिरफ्तारी
^आरोपीमनोज राजपूत की जल्द गिरफ्तारी होगी। जांच के बाद अपराध दर्ज किया गया है। जमीन से जुड़ा मामला है। ऐसे मामलों की जांच में समय लगता है। \\\'\\\' कौशलकिशोर वासनिक, टीआई,मोहन नगर