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सभी कॉलेजों में यूनिवर्सल ग्रेडिंग सिस्टम जल्द

7 वर्ष पहले
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दुर्ग। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत की उच्च शिक्षा में समय-समय पर परिवर्तन और सुधार कर उसकी गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास करता रहता है। इसी क्रम में यूजीसी अब यूनिवर्सल ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने का प्रयास कर रहा है। ताकि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को प्राप्त होने वाले मार्क का एक बराबर मूल्यांकन किया जा सके। क्योंकि अब तक भारत में विभिन्न मूल्यांकन प्रणाली का इस्तेमाल की जा रही है।
किसी कॉलेज में विद्यार्थियों को परीक्षा में मार्क्स दिए जाते हैं तो कहीं पर ग्रेडिंग दी जाती है। इससे कॉलेजों और रोजगार देने वाली संस्थाओं को विद्यार्थियों का सही मूल्यांकन करने में दिक्कतें रही हैं। इसे देखते हुए यूजीसी ऐसी ग्रेडिंग प्रणाली को लागू करने पर विचार कर रहा है।

दो तरह के होंगे ग्रेड पाइंट : स्टूडेंट्स को दो तरह से ग्रेड दिया जा सकता है। एक ग्रेड पाइंट और दूसरा लेटर ग्रेड। ग्रेड पाइंट 1 से लेकर 10 अंक तक का पाइंट दिया जाएगा। वहीं लेटर ग्रेड में O, A, B, C, P, F का इस्तेमाल किया जाएगा। जिसमें का मतलब दस, प्लस का मतलब 9, का मतलब 8, बी प्लस का 7, बी का 6, सी यानी 5, पी यानी 4, एफ का मतलब 0 अंक होगा। एफ ग्रेड वाले स्टूडेंट फेल रहेगा।
किसमें होगा लागू : इस गाइड लाइन का उपयोग किसी भी केंद्रीय, राज्य और डीम्ड विश्वविद्यालय अपने डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के परीक्षा परिणाम के लिए लागू कर सकते हैं। इसे लागू करने सेमेस्टर प्रणाली की जरूरत होगी। जिसमें दो सेमेस्टर मिलाकर एक सत्र बनेगा। इसमें सीबीसीएस यानी च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम काे शामिल किया जाए।
इसमें विद्यार्थियों को यह सुविधा रहेगी कि वे पाठ्यक्रम में कोर, इलेक्टिव या सॉफ्ट स्किल कोर्स का चयन कर सकेंगे। इस कोर्स मिलने वाले अंक को क्रेडिट्स कहा जाएगा और इसी क्रेडिट पाइंट के आधार पर विद्यार्थियों के सेमेस्टर का मूल्यांकन होगा, जिसे एसजीपीए कहा जाएगा। वहीं सभी सेमेस्टर में मिलने वाले क्रेडिट्स को मिलाकर विद्यार्थी का सीजीपीए बनेगा। इसी सीजीपीए के आधार पर उन्हें ग्रेड पाइंट दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय के पास होगा सीजीपीए का अधिकार: विश्वविद्यालय के पास यह अधिकार होगा कि वह परीक्षा को पास करने की ग्रेड या पाइंट का निर्धारण कर सके। साथ ही यूनिवर्सिटी कोर्स को क्वालीफाई करने के लिए सीजीपीए भी निर्धारित कर सकेगा।