नई शिकायतें दूर करने सख्ती पुरानी देखने भी नहीं जा पाए
ट्रेनों में लगातार गंदगी की शिकायतों के बाद रेलवे के डीआरएम राहुल गौतम शनिवार को अचानक दुर्ग स्टेशन पहुंचे। उन्होंने यहां से छूटने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का निरीक्षण किया। ट्रेन में गंदगी देख कर अधिकारियों से नाराजगी जताई और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीआरएम ने बताया कि छोटी-छोटी बातों को लेकर लगातार शिकायत मिल रही थी। इसलिए वाशिंग कॉम्प्लेक्स का जायजा लेकर कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। वे लगभग ढाई घंटे यहां रहे।
उल्लेखनीय है कि रेलवे स्वच्छता अभियान चला रहा है। लोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, लेकिन दुर्ग से छूटने वाली ट्रेनों गंदगी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जिसके कारण ठेका कंपनी पर रेलवे अब तक 22 लाख का जुर्माना भी लगा चुका है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही है।
ट्रेन के बाद वाशिंग लाइन का निरीक्षण
डीआरएम संपर्क क्रांति का निरीक्षण करने के बाद वाशिंग लाइन पहुंचे। इस दौरान अंबिकापुर व अमरकंटक एक्सप्रेस की सफाई की जा रही थी। उन्होंने दोनों ट्रेन की सफाई देखी। उन्हें सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। डीआरएम ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई और निर्देश दिए किए सफाई को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने वाशिंग लाइन में संचालित होने वाले सभी विभागों का भी निरीक्षण किया। कोच की सर्विस किस तरह की जाती, उसे भी देखा। वाशिंग कॉम्प्लेक्स में कर्मचारियों के लिए पार्किंग बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने पौधारोपण भी किया और रायपुर रवाना हो गए।
अधिकारियों को मिल गई थी दौरे की जानकारी
डीआरएम के दौरे को देखते हुए स्टेशन पर एक दिन पहले ही सारी व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई थी। स्टेशन के मुख्य गेट से जीआरपी और आरपीएफ के जवान हमेशा नदारद रहते हैं, लेकिन शनिवार को वे गेट पर नजर आ रहे थे। रेलवे के अधिकारी ने बताया कि डीआरएम के शुक्रवार को आने की सूचना मिली थी। इसके बाद दुर्ग के अधिकारी हरकत में आए और स्टेशन के बाहर से वाहन हटवाने में जुटे।
सफाई कर्मी ठेकेदार की जिम्मेदारी
स्टेशन ही नहीं वाशिंग लाइन का भी लिया जायजा
पूछताछ केन्द्र में अभी तक नहीं लगा एसी
पूछताछ केन्द्र में काम कर रहे कर्मचारियों को ट्रेन का समय बताते-बताते पसीना छूट जाता है, लेकिन उनके कमरों की एसी कई महीने से बंद है। इसकी वजह से पूछताछ काउंटर का सर्वर भी ठीक से काम नहीं कर पाता। डीआरएम ने इसका जायजा लेकर तुरंत एसी और नया कंप्यूटर लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन हालात जस के तस हैं।
अगस्त में गड़बड़ियां सुधारने दिए थे निर्देश
डीआरएम 19 अगस्त 2015 को दुर्ग का दौरा किया था। इस दौरान प्लेटफॉर्म एक टाइल्स लगाने के लिए कहा था लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। रेलवे कॉलोनी मे रहने वाले कर्मचारियों की हालत को देखकर उन्होंने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई थी। कॉलोनी के लिए अधिकारियों से प्रपोजल मांगा था।
सभी अधिकारी ड्यूटी पर दिखाई दिए मुस्तैद
बुधवार को रेलवे के रायपुर डिवीजन के नवनियुक्त डीएमआर राहुल गौतम के आने से पहले ही उनके स्वागत के लिए स्टेशन पर सुबह से ही साफ सफाई की गई। साथ ही चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। आम दिनों में कभी कभार टीटीई टिकट चेक करते हुए नजर आते हैं। लेकिन बुधवार को सभी विभाग के लोग ड्यूटी करते पाए गए।
प्लेटफॉर्म तीन पर सबसे ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं, प्लेटफार्म की ज्यादातर पटरियां टूटी हुई हैं। यात्रियों की जान को जोखिम में डालकर रेलवे प्रशासन इस रूट से ट्रेन पास करता है।
पार्सल दफ्तर में बुकिंग सामान चेक करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर शून्य है। कोई भी किसी समय बड़ी वारदात को अंजाम देकर आसानी से जा सकता है।
स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। आए दिन इसकी शिकायत जीआरपी को मिलती है, कार्रवाई नहीं की जाती।
स्टेशन पर करोड़ों की लागत से एमएफसी की बिल्डिंग बनकर तैयार है। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसकी शुरुआत अभी तक नहीं की जा सकी। डीआरएम ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह रायपुर रेलवे मंडल के अंतर्गत नहीं आता, इसलिए कुछ भी कह पाना ठीक नहीं होगा।
डीआरएम की इन पर नहीं पड़ी नजर
वाशिंग लाइन का अचानक दौरा किया?
यात्रियों से पांच-छह माह से लगातार शिकायत मिल रही थी, इसी का निरीक्षण करने यहां आया।
किस तरह की शिकायत मिल रही है?
शिकायत जो भी मिल रही है, वह हमारे विभाग की है। हम कुछ भी नहीं बोल सकते, हमने उसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
सफाई कर्मचारी तीन माह से हड़ताल पर हैं?
वह रेलवे का काम नहीं है, रेलवे ने ठेका दिया है। ठेका कंपनी का काम है, रेलवे को सिर्फ काम से मतलब है, किस से काम हो रहा है इससे मतलब नहीं है।
राहुल गौतम, डीआरएम, रायपुर रेलवे मंडल
सफाई ठेकेदार को भी सुनाई खरी-खोटी
वाशिंग लाइन के सफाई कर्मचारी पिछले तीन माह से हड़ताल पर हैं। इसको लेकर आप नेता मेहरबान सिंह ने डीआरएम से मुलाकात की। डीआरएम ने दो टूक कहा कि सफाई कर्मचारी हमारे अन्तर्गत नहीं आते, रेलवे ने ठेका दिया है। यह जिम्मेदारी ठेका कंपनी की है कि किसको काम पर रखना है किसको नहीं। साथ ही डीआरएम ने ठेका कंपनी को कहा कि इंसानियत के नाते कर्मचारियों से बात करो कि क्या दिक्कत आ रही है।
संपर्कक्रांति का निरीक्षण करने के बाद वाशिंग लाइन का जायजा लेने जाते डीआरएम राहुल गौतम व अधिकारी।