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खर्च नहीं बताने वाले 40 पूर्व उम्मीदवारों पर रोक
बिलासपुर |पिछले निकायचुनाव में खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले 40 पूर्व उम्मीदवारों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।
इनमें से कुछ तीन तो अधिकांश पांच साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इधर, अविभाजित बिलासपुर जिले के मुंगेली इलाके के 10 उम्मीदवारों पर भी पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा है। 2009 के नगरीय निकाय चुनावों में राजनीतिक पार्टियों के अलावा कई निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे। मेयर, अध्यक्ष पार्षद का पद पाने के लिए उन्होंने किस्मत तो आजमाई, लेकिन चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक माह के भीतर नियमानुसार राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं दिया। एक माह के भीतर प्रत्याशियों को चुनाव में खर्च की गई पूरी राशि की जानकारी आयोग को देनी पड़ती है, लेकिन कई ने ऐसा नहीं किया। ऐसे ही प्रत्याशियों की सूची राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की है।
इसमें बिलासपुर जिले से 40 लोगों के नाम शामिल हैं। पहला नाम मेयर का चुनाव लड़ने वाली रजनी यादव का है। उसे 4 साल 10 माह के लिए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया गया है।
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नगर पंचायत बोदरी में अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के बावजूद खर्च का ब्योरा नहीं देने पर दुर्गा कौशिक, रघुवीर लोधी, बीपी विश्वकर्मा, नगर पंचायत सकरी में दुखीराम कोरी, द्वारिका प्रसाद सूर्यवंशी, नर्मदा प्रसाद कोरी, नगर पंचायत सिरगिट्टी में पुनीत राम साहू, विनोद साहू, शिवशंकर श्रीवास, श्रीकांत यादव, विजय श्रीवास, तिफरा में उत्तरा कुमारी यादव, गौरी साहू, पुष्पा वैष्णव, मीना सूर्यवंशी, रीता कोशले, वीणापाणि पासवान और सरिता शुक्ला के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई गई है। कोटा नगर पंचायत के चंदू भैया ने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा, लेकिन खर्च की जानकारी आयोग को नहीं दी। उन्हें 4 साल 11 माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इसी तरह रतनपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रमेश सूर्य, राजेंद्र पॉल, रामफल सूर्यवंशी, राम बहोरिक और रामेश्वर कौशिक को तीन-तीन साल के लिए चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया गया है। नगर पंचायत तखतपुर के कृष्ण कुमार साहू का नाम भी इस सूची में शामिल है।
पेंड्रा गौरेला से 14 पर रोक
2005 में नगर पंचायत पेंड्रा में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाले ईक लाल उबोवेजा, गणेश जायसवाल, प्रेमलाल हलवाई, राधा, श्रीकांत चतुर्वेदी पर 4 साल 7 माह के ल