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दुबे ने दिए पार्टी छोड़ने के संकेत

7 वर्ष पहले
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दुर्ग। दुर्ग में महपौर की जंग भाजपा की चंद्रिका चंद्राकर और कांग्रेस की नीलू ठाकुर के बीच होगा। शनिवार को भाजपा ने दस बजे तो कांग्रेस ने साढ़े 12 बजे नामों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही दुर्ग नगर निगम के चुनावी जंग की आधी तस्वीर साफ हो गई है। दोनों नामों की घोषणा ने परदे के पीछे की भी तस्वीर साफ हो गई है। चंद्रिका जहां सरोज की कट्टर समर्थक मानी
जाती है। वहीं नीलू ठाकुर अरुण वोरा खेमे की मानी जाती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक महापौर प्रत्याशी की रेस में भाजपा से रोहिणी पाटनकर और कांग्रेस से दीपा मध्यानी और सत्यवती वर्मा के नाम पर आखिरी समय तक बहस होती रही। फिर इन नामों पर सहमति बनीं। नाम कटने के बाद आगे की राजनीति में क्या समीकरण बनेगा, इसकी कयासबाजी शुरू हो गई है।
इधर शनिवार को भी कांग्रेस ने खबर लिखे जाने तक पार्षद प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। इसे बघेल और जोगी खेमे में गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि अंतिम समय में नामों को लेकर हो रहे विरोध के कारण घोषणा नहीं की जा सकी। इसने टिकट तय मान रहे दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी है। सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस
में कई पार्षदों का नाम अंतिम समय में काटा गया है। बगावत के सुर भी नजर आने लगे हैं। शनिवार को भाजपा पार्षद ने जहां इस्तीफा दे दिया है, वहीं संगठन पदाधिकारी ने इस्तीफे की पेशकश की है।

दीपा मध्यानी के फॉर्म लेने से कांग्रेस में धड़कनें बढ़ गई हैं।
उम्मीद... कांटे की होगी टक्कर
चंद्रिका चंद्राकर|भाजपा
57 साल उम्र
मैट्रिक शिक्षा

निगम का अनुभव : दुर्ग निगम में पार्षद या महापौर का चुनाव कभी नहीं लड़ा यह पहला अनुभव होगा।
राजनीतिक कॅरियर : 2004 में जिला भाजपा कार्यकारिणी सदस्य। उसके बाद दो बार प्रदेश संगठन में मंत्री रहीं। उसके बाद फिर दो बार प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं। (अभी भी इस पद पर)
ताकत : परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि। पति रत्नेश चंद्राकर का लगातार तीन बार पार्षद और एमआईसी सदस्य रहे हैं। रत्नेश चंद्राकर सांसद सरोज पांडे के नजदीकी माने जाते हैं। संगठन में उनकी अच्छी पकड़ और पहचान भी है। इसका सीधा लाभ मिलेगा।
कमजोरी : रत्नेश सरोज पांडे गुट माने जाते है, इसलिए मंत्री हेमचंद यादव गुट के लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। पति के लगातार एमआईसी में होने के कारण सत्ता की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाईं। निगम की राजनीति में स्वयं कभी नहीं रहीं।
टिकट मिलने पर कहा : - मेरा एकमात्र मुद्दा विकास का है। मूलभूत सुविधाओं को जनता को तेजी से उपलब्ध करवाना और अधूरी पड़ी विकास योजनाओं को पूरा करवाना, जनहित में हमेशा उपलब्ध रहना यही मेरी प्राथमिकता है। अभी किवार ठीक से काम नहीं कर रही है। मैं हमेशा विकल्प तैयार रखूंगी और किसी एजेंसी को इस स्थिति में नहीं आने दूंगी कि वह ठीक से काम न करे।
चंद्रिका ही क्यों : जिला भाजपाध्यक्ष थानू राम साहू का कहना है कि पार्टी ने चंद्रिका चंद्राकर को महापौर प्रत्याशी इसलिए बनाया है क्योंकि वह शहर के जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है। हमारी पार्टी शहर की जनता के लिए क्या चाहती है, यह हमारे प्रत्याशी को मालूम है। वह जनता के बीच भी लगातार सक्रिय रही है। वह पार्टी की रीति नीति से भी वाकिफ है।
चुनौती : पहली चुनौती शहर और पार्टी में असंतुष्टों को साधने की। क्योंकि आखिरी समय तक किसी और दावेदार का नाम आगे था। फिर दिग्गजों को साधने की, क्योंकि कुछ की सहमति नहीं थी। फिर सबसे बड़ी चुनौती जनता को साधने की। क्योंकि जीत का स्वाद वही चखाएगी।
नीलू ठाकुर : कांग्रेस
51 साल उम्र
शिक्षा : बीकॉम, एलएसलबी
निगम का अनुभव :
1999 में महापौर के लिए निर्दलीय के रूप में लड़ चुकी हैं। यह दूसरा अनुभव होगा।
राजनीतिक कॅरियर : 1989 में शहर युवा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं। फिर प्रदेश महामंत्री बनीं। उसके बाद शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। वर्तमान में प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष।
ताकत : शहर की कांग्रेस की राजनीति में 25 साल से सक्रिय रही हैं। संगठन के अधिकतर कार्यक्रमों में भागीदारी रही। सभी कार्यकर्ताओं से जान पहचान है। वोरा परिवार की करीबी मानी जाती हैं। महापौर का चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ने का अनुभव।
कमजोरी : प्रत्याशी कांग्रेस की पुरानी सक्रिय कार्यकर्ता होने के बावजूद अपनी पूरी राजनीति वोरा परिवार तक सीमित रखी। यह उनके खिलाफ भी जा सकता है। इन्होंने चुनाव तो लड़ा। लेकिन निगम की राजनीति में कभी सीधा हस्तक्षेप नहीं रहा। इससे नुकसान हो सकता है।
टिकट मिलने पर कहा : मेरी पहली प्राथमिकता सफाई ही है। मैं साफ सफाई हर छोटे-छोटे काम को करवाऊंगी, इसमें बड़ी दिक्कत आएगी ही नहीं। फेस-2 योजना पर काम चालू है। पुरानी पाइप लाइनों के मेंटेनेंस और प्रेशर को ठीक करवाने के लिए बारीकी से काम करवाऊंगी। शहर की में सड़कों सहित विकास कार्यों पर ध्यान देने की जरूरत है। प्राथमिकता इसी की होगी।
नीलू ठाकुर ही क्यों ? शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरएन वर्मा कहते हैं कि पार्टी ने जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप महापौर प्रत्याशी दिया है। नीलू पढ़ी लिखी, समझदार कांग्रेस संस्कृति में पली बढ़ी जुझारू, सक्षम व धीरज वाली महिला हैं। शहर की राजनीति में सालों से सक्रिय होने के कारण शहर की समस्याओं से वाकिफ है। हमारी प्रत्याशी जनता से सीधे जुड़ी हुई है।
चुनौती : नीलू ठाकुर के सामने भी कमोबेश वही चुनौती है। सभी दिग्गजों की सहमति नहीं थी। उन्हें साधना पड़ेगा। जो नाम कटे हैं, वे बागी होने के संकेत दे रहे हैं। उन्हें मनाना होगा। और फिर आखिरी चुनौती वोटर्स के बीच पहुंचने और उन्हें साधने की।
अब दिखने लगी बगावत : नाम घोषित क्या हुए, कई नेता निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी
कर रहे, कुछ ने खुलकर अपने तेवर जाहिर कर दिए हैं... कांग्रेस व भाजपा में महापौर प्रत्याशी व भाजपा में पार्षद प्रत्याशियों की टिकट फाइनल होने के साथ ही बगावत के सुर भी अब नजर आने लगे हैं। कुछ ने पार्टी के फैसले के विरुद्ध निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। भाजयुमो के जिला अध्यक्ष अजय दुबे व दो बार पार्षद रहे अशोक मेहरा ने पार्टी छोड़ने के संकेत दे दिए हैं। इधर कांग्रेस में भी दावेदारों को पता चल चुका है, कि किसे टिकट मिली है और किसे नहीं। इसके चलते कुछ नाराज चुनाव में निर्दलीय ही मैदान में कूदने की तैयारी कर रहे हैं। नामांकन दाखिल कर उन्होंने भी इशारा कर दिया है कि उन्हें टिकट नहीं मिली, तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। अन्य दलों से भी बातचीत शुरू हो गई है।
प्रताप ने लिया वर्मा के वार्ड से फॉर्म : कांग्रेस में टिकट की भी दौड़ में रहे नेताओं को टिकट नहीं मिलने के संकेत बड़े नेताओं ने दिए हैं। इसके बाद से ऐसे नाखुश नेताओं द्वारा निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी की जा रही है। पार्षद प्रत्याशियों में वार्ड-60 से कुमुद बघेल, वार्ड-आठ से नासीर खोखर व सैय्यद आसिफ, वार्ड-36 से विवेक मिश्रा, वार्ड-41 से हमीद खोखर, वार्ड-36 से इलियाज चौहान ने नामांकन लिया है। विधायक अरुण वोरा के खास समर्थक प्रताप मध्यानी ने भी शनिवार को वार्ड 26 से नामांकन फॉर्म लिया है। इस वार्ड के वर्तमान पार्षद व पूर्व महापौर आरएन वर्मा हैं।
दुबे ने दिए पार्टी छोड़ने के संकेत : इधर पूर्व सांसद सरोज पांडेय के खास समर्थक माने जाने वाले भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय दुबे ने अपने साथियों के साथ पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को निकाय चुनाव में हतोत्साहित किया जा रहा है। इसके चलते वे अध्यक्ष का पद छोड़ना चाहते हैं। वे जल्द ही अपने साथियों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। इधर भाजपा से दो बार के पार्षद रहे व वर्तमान में जिला कार्यकारिणी सदस्य अशोक मेहरा ने भी पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी को भेज भी दिया है।
फॉर्म तो इन्होंने ने भी लिया है : महापौर प्रत्याशी के रूप में भाजपा ने चंद्रिका चंद्राकर व कांग्रेस ने नीलू ठाकुर को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। इधर कांग्रेस से रागिनी सोनी, रामकली यादव, कल्पना देशमुख, भगवती ठाकुर, डॉ. अर्चना चौहान, रंजना गुप्ता, संगीता वाघेला ने नामांकन फॉर्मलिया है। इसी प्रकार भाजपा से सुनीता संजय बोहरा, जयश्री जोशी, ममता अजय दुबे, मीना सिंह ने नामांकन फॉर्मलिया है। भाजपा व कांग्रेस में प्रत्याशी चयन के बाद इनमें से कुछ निर्दलीय चुनाव लड़ने के मूड में है।
- भाजपा में रोहिणी पाटनकर, उषा टावरी भी थीं दावेदार।
- कांग्रेस में दीपा मध्यानी व सत्यवती वर्मा थीं होड़ में।
दुर्ग निगम चुनाव : 2014 महापौर प्रत्याशी घोषित, अब कांग्स के पा रे र्षद प्रत्याशियों की सूची का इंतजार।