शहर ने बनाया अपना घोषणा पत्र
शहर के 80 फीसदी लोगों ने सफाई व्यवस्था को कहा खराब, किवार को बताया जिम्मेदार
दैनिक भास्कर के रिपोर्टर फोटोग्राफर ने करीब महीनेभर मेरा शहर मेरी सरकार के तहत शहर के सभी 60 वार्डों में तीन हजार से अधिक लोगों से बात की। लोगों ने निगम की सफाई व्यवस्था को सिरे से नकार दिया। 80 फीसदी से अधिक लोगों का मानना है, कि शहर की सफाई व्यवस्था लचर है।
पार्षद से लेकर निगम के अधिकारी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं करा पाए। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम, बेतरतीब बसाहट से भी लोग खासे परेशान हैं। तेजी से शहर का विस्तार होने अब तक मास्टर प्लान तैयार नहीं हो पाने से लगातार शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है। इसे लेकर भी लोग परेशान हैं। भास्कर ने लोगों के बीच जाकर समस्याओं को जाना उनके समाधान का भी प्रयास किया। वार्ड के सभी पार्षदों से भी बात कही। कई वार्डों में पेयजल की समस्या भी नजर आई।
सर्वे के दौरान भास्कर की टीम ने जनता से चार सवाल पूछे?
ट्रैफिक व्यवस्था
ट्रैफिकव्यवस्था सुधारने के लिए शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर बेतरतीबी खड़े वाहनों पर पहले कार्रवाई की जरूरत होगी। इसके अलावा ऑटो चालकों पर कार्रवाई करनी होगी। नियमों का पालन करवाना होगा। तब व्यवस्था सुधर पाएगी।
कैसे बदलेगी वार्डों की सूरत
जिसप्रकार सांसद विधायकों को गांव को गोद लेकर उसका विकास करने के जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी प्रकार पार्षद महापौर भी वार्डों को गोद लेकर उसका विकास करा सकते हैं। इस कार्य में सामाजिक संस्थाएं भी आगे आकर काम कर सकती हैं।
कैसे सुधर सकती है सफाई व्यवस्था
इसकेलिए सभी को मिलकर काम करना होगा। सख्त नियम तय करने पड़ेंगे। लापरवाही पर किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जाए। अधिकारी सफाई कामगारों को सही मानिटरिंग करें। तब व्यवस्था सुधर सकती है।
1. क्या आप सफाई व्यवस्था से संतुष्ट हैं 2. शहर ट्रैफिक व्यवस्था से संतुष्ट हैं 3. क्या निगम में आपके काम होते हैं 4. बढ़ते अतिक्रमण का जिम्मेदार कौन
लोगों की नजर में शहर की समस्या
से अधिक लोग मानते हैं ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी हुई है।
लोगों का मानना है, कि निगम में भ्रष्टाचार होता है।
लोगों ने कहा अतिक्रमण अधिकारी-कर्मचारियों की शह पर होता है।
से अधिक लोगों का मानना शहर में सफाई व्यवस्था बेकार है।
{शहर का विकास सुव्यवस्थित हो, इ