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डॉयल 104 शुरू पर इलाज पूछने कम, अस्पताल की शिकायतें रही ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संयुक्त प्रयास से संचालित टोल फ्री नंबर आरोग्य 104 का लोग बीमारियों का इलाज पूछने के लिए कम और अव्यवस्थाओं की शिकायतें करने में ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
इसमें आने वाली कॉल डिटेल्स को देखा जाए तो लोग राज्य में स्वास्थ्य सेवा की पोल खोलने में लगे हुए हैं। जिसमें स्वास्थ्य विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार, स्टाफ की मनमानी और अव्यवस्था से परेशान लोग ज्यादा फोन कर रहे हैं। कम ही कॉल ऐसे हैं, जिसमें बीमारी से परेशान मरीज परामर्श लेने के लिए 104 डॉयल किया है।
बचाताहै कंसलटेशन फीस : देखाजाए तो यह सुविधा है काम की। 104 डायल कर के कोई भी व्यक्ति सामान्य बीमारियों के लिए दवाई, परहेज आदि का मुफ्त परामर्श ले सकता है। जिसके लिए उसे आज की महंगाई में प्राइवेट डॉक्टरों को कम से कम 200 रुपए कंसलटेशन फीस देनी पड़ती है। 104 डॉयल करने से मरीज की यह राशि बच जाती है। अगर लगता है तो सिर्फ दवाई का खर्च।
इमरजेंसीमें सर्वाधिक उपयोगी : आरोग्य104 की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका उपयोग 24 घंटे में कभी भी किया जा सकता है। रात में जब सब अस्पताल बंद हो जाते हैं या फिर किसी अन्य कारण से अगर आप डॉक्टर के पास नहीं पहुंच सकते तो 104 डॉयल करके विशेषज्ञों से अपनी बीमारी संबंधी परामर्श ले सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्ग और असहाय लोगों के लिए हो रहा है जिन्हें स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं है। वहीं अचानक सिने में दर्द होने पर क्या करना है या फिर सीने में धुआं या पानी भरने से कैसे पंप करना जैसे आपातकालीन उपाय भी इसमें बताए जाते हैं।
ये शिकायतें ज्यादा
{सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर अन्य स्टाफ समय पर उपलब्ध नहीं रहते हैं।
{रात को अस्पताल पहुंचने पर कर्मचारी एक्स्ट्रा चार्ज मांगता हैं।
{ गरीब मरीजों से डॉक्टर नर्स दुर्व्यवहार करते हैं।
{ सरकारी योजनाओं कार्यक्रमों की सही जानकारी नहीं दी जाती है।
{ तबियत ठीक नहीं होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।
आने वाली शिकायतों को स्वास्थ्य अधिकारी को कर देते हैं मेल
5 लाख से ज्यादा चुकी हैं कॉल
स्वास्थ्यविभाग की ओर से आरोग्य 104 का संचालन हैदराबाद के पीरामल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। इसके मैनेजर विनीत गुप्ता बताते हैं कि अब तक 5 लाख से ज्यादा कॉल चुके ह