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लाइसेंस के बिना बच्चे चलाएं वाहन

7 वर्ष पहले
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जेआरडीशासकीय हायर सेकंडरी में गुरुवार को विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों को प्रथम अपर जिला न्यायाधीश रजनीश श्रीवास्तव ने मोटर व्हीकल एक्ट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लाइसेंस के बिना गाड़ी नहीं चलानी चाहिए। गियर रहित गियर सहित वाहनों का लाइसेंस आरटीओ जारी करता है।

बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने से दुर्भाग्य से दुर्घटना हो गई तो उसका दुष्परिणाम आर्थिक रूप से पालक को भुगतना पड़ता है। बगैर बीमा के भी वाहन सड़कों पर नहीं चलाना चाहिए। विशेष न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने छात्रों को रैगिंग प्रतिषेध अधिनियम 2001 के बारे में जानकारी दी। बताया कि रैगिंग से आशय किसी छात्र से मजाकपूर्ण व्यवहार या उसे अन्य प्रकार से उत्प्रेरित या मजबूर करना, जिससे उसके मानव मूल्यों का हनन हो या उसके व्यक्तित्व का अपमान या उपहास हो तो यह रैगिंग की परिभाषा के अंतर्गत आता है। इसके लिए दोषी को 5 साल का कारावास या 5 हजार रुपए का अर्थदंड या दोनों से दंडित किया जा सकता है। इसके अंतर्गत दोषी छात्र-छात्राओं को किसी भी शैक्षणिक संस्थान में तीन साल तक प्रवेश नहीं मिलेगा।

उन्होंने युवाओं को अपने अधिकार के प्रति सचेत रहने कहा। उनका कहना है कि यदि युवा अपने अधिकार की रक्षा नहीं कर सकते तो वे दूसरों के अधिकार की रक्षा कैसे करेंगे। सूचना के अधिकार उपभोक्ता फोरम, निरंतर लोक अदालत मानव अधिकार आयोग की कार्य प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वयं का मूल्यांकन करने मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर सकता है। यह देख सकता है कि परीक्षक ने उसे किस प्रश्न में कितने अंक दिए। बच्चों को बताया गया कि स्थायी लोक अदालत में परिवहन, डाक तार, टेलीफोन, अस्पताल, साफ-सफाई आदि से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जाता है।