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अब स्कूलों में ही बनाए जाएंगे जाति प्रमाण-पत्र
स्कूलों में पूरी की जाएंगी सभी औपचारिकताएं
जातिप्रमाण पत्र के लिए स्कूली बच्चों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। स्कूलों में ही यह प्रमाण पत्र बनाकर देने की व्यवस्था की जा रही। इन नई व्यवस्था के तहत 12वीं तक के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
शासन की योजनाओं से मिलने वाली सुविधाओं छात्रवृत्ति के लिए जाति प्रमाण-पत्र एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। स्कूली विद्यार्थियों को जाति प्रमाण-पत्र बनाने के लिए सरकारी दफ्तरों का अनावश्यक चक्कर लगाना पड़ता है। कलेक्टर आर शंगीता को इस बात की शिकायत लगातर मिल रही थी कि जाति प्रमाण पत्र बनाने में स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में इस मुद्दे को लेकर चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए बच्चों को परेशानी हो ऐसी व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया अब सरल हो गई है। साथ ही बच्चों को प्रमाण-पत्र बनाने के लिए कहीं भटकने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में ही जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे तहसील-एसडीएम के कार्यालय में मिलने वाला जाति प्रमाण पत्र अब बच्चों को स्कूलों मे ही मिल जाएगा। फॉर्म प्राप्त करने से लेकर जमा करने तक की सारी कार्रवाई स्कूल में होगी। जिन स्कूलों में दो-तीन सौ फॉर्म जमा हो जाएंगे। इसके बाद तहसीलदार उन स्कूलों में पहुंचकर बाकी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद बच्चों को स्कूलों में ही इसका वितरण कर दिया जाएगा। कलेक्टर की इस नई व्यवस्था से 12 वीं तक पात्र विद्यार्थियों को जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा।
{ स्कूलों में ही विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र बनाने के फॉर्म जमा किए जाएंगे।
{ विद्यार्थियों के अभिभावकों को निर्धारित प्रारुप में आवेदन पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज के साथ पालक का स्व हस्ताक्षरित घोषणा- पत्र देना होगा।
{ स्कूलों में दो-तीन प्राप्त आवेदन जमा होने पर स्कूल प्रबंधन इसकी सूचना विभाग को देंगे। इसके बाद तहसीलदार स्कूल में पहुंचेंगे। प्राप्त दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के बाद जाति प्रमाण-पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
{ जाति प्रमाण-पत्र बनने के बाद उसक