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जिला पंचायत पर कब्जे के लिए मंत्रियों और बड़े नेताओं को झोंका
रायपुर|जिला पंचायतअध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव लगभग पूरे राज्य में रोचक स्थिति में पहुंच गया है। गैर दलीय अाधार पर हुए चुनावों के बाद निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए बड़े बड़े नेता मोर्चे पर डट गए हैं। भाजपा की ओर से तो बाकायदा मंत्रियों, सांसदाें और विधायकों को जिम्मेदारी दे दी गई है। कई मंत्रियों को तो चार से पांच जिलों में कमान संभालनी पड़ रही है। वहीं सांसदों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अगले सोमवार को होना है। भाजपा जहां 18 जिलों में कब्जा करने का दावा कर रही है वहीं कांग्रेस 11 जिलों में अपने-अध्यक्ष बिठाने की जुगत में है। भाजपा के संगठन सूत्रों ने सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, बिलासपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा में अपने अध्यक्ष उपाध्यक्ष बिठाने का दावा किया है वहीं दुर्ग कवर्धा कोंडागांव सुकमा, राजनांदगांव, बेमेतरा, मुंगेली, चांपा, जांजगीर, सूरजपुर, रायगढ़ आदि में उसे अपने बागियों कांग्रेस के सदस्यों पर दांव लगाना पड़ेगा। प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं प्रवक्ता शिवरतन शर्मा का दावा है कि 27 जिलों में से 20 में भाजपा समर्थित अध्यक्ष चुने जाएंगे। चुनावों पर राय शुमारी के लिए प्रदेश भाजपा चुनाव समिति की शनिवार को बैठक होगी।
इसमें जिला पर्यवेक्षकों के साथ चर्चा कर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के प्रत्याशी तय किए जाएंगे। बैठक में मंत्रियों से भी चर्चा की जाएगी। बैठक के लिए समिति सदस्यों, पर्यवेक्षकों एवं जिला प्रभारी मंत्रियों को भी सूचित किया गया है। सूत्रों ने बताया कि इसी बैठक में जिलेवार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के प्रत्याशी भी तय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेशाध्यक्ष धरम लाल कौशिक की उपस्थिति में होने वाली बैठक में चुनाव समिति के सदस्यों के अलावा जिलेवार नियुक्त पर्यवेक्षकों को भी बुलाया गया है। इन सभी से जिलों में विजयी भाजपा, कांग्रेस, निर्दलीय या बागी प्रत्याशियों की स्थिति पर रिपोर्ट ली जाएगी। सभी पर्यवेक्षक इस समय अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में विजयी प्रत्याशियों से रायशुमारी कर रहे हैं।