टाइनी टॉट्स की मान्यता रद्द, अब नाम व लोकेशन बदल कर ले रहे एडमिशन
टाइनी टॉट्स की मान्तया रद्द की थी, फिर वहां एडमिशन क्यों हो रहे हैं?
हमारे दायरे में जो कार्रवाई थी वो हमने कर दिया। अब भी कर रहे हैं।
क्या कर रहे हंै, उधर तो जगह बदल कर एडमिशन चल रहा है?
हमने मान्यता रद्द करने की अनुशंसा भेजी थी उस पर संचालनालय ने मुहर लगा दी है। हमारे अधिकारी तत्काल मौके पर जाकर देखेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि, विभाग से इस बारे में बात हो गई?
ऐसी कोई बात हमारे किसी भी अधिकारी ने नहीं हुई है। रही बता नाम बदल कर मान्यता लेने की तो ऐसा करके कोई गुमराह नहीं कर सकता। मान्यता देने से पहले मैनजेमेंट कमेटी की सूची भी देखी जाती है।
मतलब नया सत्र टाइनी टॉट्स में नहीं चलेगा?
बिल्कुल नहीं चलने देंगे। हमने तो पहले पढ़ रहे पालकों को भी अपने बच्चों को आसपास के दूसरे स्कूल में अपनी सुविधा के अनुसार भर्ती कराने कह रखा है।
29 जनवरी प्रकाशित खबर
भास्कर फालोअप
स्कूल भवन के बाहर एडमिशन के िलए लगाया पोस्टर।
पुरानी बिल्डिंग छोड़ टाइनी टॉट्स स्कूल कुरुद के इसी भवन में हो रहा संचालित।
किसी भी तरह से इस स्कूल में एडमिशन नहीं होगा
एएन बंजारा, जिला शिक्षा अधिकारी
हाई कोर्ट ने शासन से मांगा है जवाब
टाइनी टॉट्स स्कूल के छात्र सिद्धांत मुदली की मौत के बाद शासन और प्रशासन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सबने सिर्फ आश्वासन दिया। थक-हारकर सिद्धांत के पिता सुभाष मुदली ने हाईकोर्ट को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने शासन और प्रशासन की लापरवाही का उजागर किया। हाईकोर्ट ने इसे संज्ञान में लिया और नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। अभी मामला कोर्ट में पेंडिंग है।
मान्यता बिना नहीं खोल सकते स्कूल
शिक्षा के अधिकार के जानकारों का कहना है कि, जब तक स्कूल को मान्यता नहीं मिल जाती। तब तक स्कूल प्रबंधन दाखिला शुरू नहीं कर सकता। ये पूरी तरह अवैध की श्रेणी में आता है। शिक्षा विभाग चाहे तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। बिना मान्यता के स्कूल नहीं खोल सकते। यह अवैध तरकी से संचालन की श्रेणी में आएगा।
कल तक लगा था बोर्ड हटाया गया
सेक्टर-2 के बीएसपी क्वार्टर में स्कूल संचालित करने पर बीएसपी प्रबंधन ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने नई जगह के विकल्प में कुरूद का चयन किया। यहां एक मकान में स्कूल खोला। दो दिन पहले टाइनी टॉट्स का बोर्ड लगा था। लेकिन गुरुवार को प्रबंधन ने बोर्ड निकलवा दिया। अब नए नाम से स्कूल संचालित करने का इरादा है।
20 जनवरी को हुई थी मान्यता रद्द अनुशंसा
जिला शिक्षाधिकारी एएन बंजारा ने टाइनी टॉट्स स्कूल के छात्र सिद्धांत मुदली की मौत के बाद निरीक्षण किया था। तब कई खामियां उजागर हुईं थी। डीईओ बंजारा ने रिपोर्ट बनाई। जिसमें उन्होंने स्कूल की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा शासन से की। इसके बाद मान्यता रद्द करने की नोटिस जारी हुई। तब डीईओ ने साफ कहा था कि आगामी शुरू होने वाले सत्र से स्कूल में क्लासेस नहीं लगेगी।
सिद्धांत मुदली के पिता सुभाष मुदली ने कहा कि वे स्कूल प्रबंधन लगातार नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। शिक्षा विभाग के अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। प्रबंधन जगह बदल कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। अगले सत्र से स्कूल में किसी बच्चे का एडमिशन नहीं लिया जाएगा। कार्रवाई से बचने के स्कूल प्रबंधन कुछ भी हथकंडे अपना ले वे उन्हें छोड़ेंगे नहीं। जल्द ही पूरे दस्तावेज के साथ वे कोर्ट जाएंगे।
स्कूल प्रबंधन ने एडमिशन के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किए हैं। एक नंबर टाइनी टॉट्स मैनेजिंग कमेटी के मेंबर धीरेंद्र सिंह का है। जब हमने पालक बनकर कमेटी के मेंबर धीरेंद्र से फोन पर बात की तो उन्होंने कई खुलासे करने वाले जवाब दिए। आखिर क्या बातचीत हुई, जानिए...
हमारी शिक्षा विभाग में बात हो गई है, तभी तो खोल रहे हैं...
स्कूल प्रबंधन ने कहा
छात्र सिद्धांत की स्कूल बस से मौत के बाद सामने आईं थीं खामियां
इस मामले के लिए कोर्ट जाएंगे सुभाष