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शिवनाथ के पुराने पुल तक पहुंचा था पानी, दोपहर बाद घटा जलस्तर

5 वर्ष पहले
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शिवनाथ नदी पर आई बाढ़ सोमवार को बिना किसी आर्थिक व जन हानि के गुजर गई। देर रात करीब साढ़े 11 बजे मोगरा बैराज, सूखा नाला सहित अन्य से छोड़ा गया करीब एक लाख 2 हजार क्यूसेक रफ्तार से पानी सोमवार की सुबह कम कर दिया गया। वर्तमान में करीब 38 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

महमरा एनीकट के दस फीट ऊपर तक पानी रहा। पुराने शिवनाथ पुल के लेवल तक पानी पहुंचा। दोपहर करीब तीन बजे के बाद जल का स्तर कम होने लगा। शाम करीब 7 बजे तक पुल से करीब तीन फीट नीचे तक पानी आ गया। इसकी मुख्य वजह से जलाशयों से पानी छोड़ा जाना कम होना बताया गया।

गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले मोगरा बैराज, सूखा नाला व घुमरिया नाला उफान पर है। तीनों जगहों से पानी ओवर फ्लो की स्थिति है। वहां से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज व आसपास 24 घंटों में करीब 71 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। एक लाख 2 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी देर रात करीब साढ़े 11 बजे दुर्ग पहुंचा। सुबह शिवनाथ का पुराना पुल डूबने की आशंका बन आई। प्रति घंटे करीब आठ इंच तक पानी ऊपर की ओर बढ़ता गया। इसके कारण कैफेट एरिया, कामधेनु विश्वविद्यालय कैम्पस, ठाकुर पान ठेला की पीछे तरफ से हिस्से में पानी जमा हो गया। इधर पुलगांव नाला भी उलट मारने लगा, लेकिन पानी अधिक दूर तक नहीं बढ़ गया।

तांदुला में भरा 50 फीसदी और खरखरा 80 फीसदी
अब बारिश नहीं होने की स्थिति में भी किसनों की फसल नहीं सूखेगी। जिस तांदुला जलाशय से बालोद, बेमेतरा व दुर्ग जिले को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है, उसमें भराव 50 प्रतिशत के पार पहुंच चुका है। लगातार जलाशय में बारिश का पानी पहुंच रहा है। इधर खरखरा जलाशय में भी भराव 80 फीसदी के पार पहुंच गया है।

देर रात पहुंचा था पानी दिनभर नदी रही उफान पर
मोंगरा बैराज सहित अन्य जगहों से छोड़े गए पानी के कारण सोमवार को पूरे दिन शिवनाथ नदी उफान पर रही। महमरा एनीकट के ऊपर ही दस फीट से अधिक ऊंचाई पर पानी रहा। इधर शिवनाथ नदी पुल के लेवल तक पानी पहुंचा, हालांकि यह बंद नहीं हो पाया। पानी पुल पर बने सड़क के ऊपर से पार ही नहीं हो पाया, धीरे-धीरे यह नीचे जाने लगा। दोपहर तीन बजे के बाद यह घटना शुरू हुआ, जो शाम तक जारी रहा।

जानिए, 24 घंटें में कहां से कितना पानी छोड़ा गया
11 सितंबर को ही सुबह करीब 12 बजे यह पानी छोड़ा गया। इसमें 60 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड फ्लो के हिसाब से मोंगरा, सूखा नाला से 34 हजार 470 व घुमरिया नाला से 4160 क्यूसेक के हिसाब से पानी छोड़ा गया। इस प्रकार पानी एक लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया। सोमवार को भी सुबह करीब 9 बजे 38 हजार 66 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें 20 हजार मोगरा, 14 हजार 30 सूखा नाला व 4036 घुमरिया नाला से छोड़ा गया है।

68 एमएम हुई बारिश भारी बारिश की चेतावनी
मानसून की वापसी से प्रदेश सहित जिले में दो दिनों से वर्षा जारी है। जिले में 28 घंटे में 68 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने भी भारी बारिश की चेतावनी जारी किया है। कहीं कहीं पर तेज बारिश की संभावना है। ओडिशा, मध्य बंगाल व आंध्र प्रदेश के समुद्री सतह से ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुअा है।

बाढ़ से नहीं हुआ नुकसान
शिवनाथ नदी में बाढ़ के हालात रहे, लेकिन आर्थिक नुकसान और जनहानि नहीं हुई। एहतियात बरती जा रही है। तांदुला जलाशयों में तेजी से पानी बढ़ रहा है। इससे हम सिंचाई के लिए किसानों को पानी दे पाएंगे। सूखा के हालात से मुक्ति मिलेगी। कुलदीप नारंग, ईई जल संसाधन विभाग दुर्ग

यह तस्वीर महमरा एनीकट की है। यहां करीब दस फीट ऊंचाई तक पानी पहुंच गया था, जो बाद में घट गया।

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