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मेडिकल काउंसिलिंग में अव्यवस्था, 150 की क्षमता वाले हॉल में बैठे 300 स्टूडेंट

7 वर्ष पहले
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प्रदेशके पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों की खाली सीटों को मंगलवार को हुई काउंसिलिंग में भर लिया गया है। दुर्ग स्थित निजी मेडिकल कॉलेज की 33 खाली सीटों को भरने के लिए काउंसिलिंग जारी है। काउंसिलिंग में अव्यवस्था का ये आलम रहा कि महज 150 स्टूडेंट की क्षमता वाले लेक्चर हॉल में 300 से ज्यादा स्टूडेंट को बैठना पड़ा। कई स्टूडेंट परिजनों को गलियारे में रहना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि एआईपीएमटी में पात्र के साथ एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट भी अपग्रेड की आशा में आए हैं। इससे भीड़ बढ़ गई है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में खाली 18 सीटों को भर लिया है। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में सुबह 25 सीट खाली थी। रात 9 बजे तक खाली सीटों की संख्या बढ़कर 33 हो गई। जो स्टूडेंट वहां एडमिशन लिए थे, अपग्रेड होकर राजनांदगांव रायगढ़ कॉलेज चले गए। इससे निजी कॉलेज में खाली सीटों की संख्या बढ़ गई। आंकड़ों को देखने से लगता है कि दो दर्जन से ज्यादा स्टेट कोटे की सीटें मैनेजमेंट कोटे में चली जाएगी। पिछले साल भी 32 सीटों को मैनेजमेंट में कन्वर्ट कर दिया गया था।

फ्रेशरको खाली सीट देने से नाराजगी : कुछछात्रों ने बताया कि सीटों के अपग्रेड के दौरान कहीं भी एडमिशन नहीं लेने वाले स्टूडेंट को मेडिकल सीट दे दी गई। इससे एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट परिजनों ने इस पर आपत्ति की। इस पर अधिकारियों ने नियम बदल गया है, कहकर सभी को चुप करा दिया।

काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए पहुंचे मेडिकल के छात्र।

18 सीटों को भरने में लग गए 9 घंटे

काउंसिलिंगकी प्रक्रिया काफी धीमी होने के कारण 18 सरकारी सीटों को भरने के लिए रात 9 बज गए। इससे दूरदराज से आए स्टूडेंट परिजन हलाकान होते रहे। रात निजी कॉलेज में सीटों का आवंटन शुरू किया गया। 33 सीटों को भरने के लिए काफी समय लग जाएगा। जो सीट बच जाएगी, उसे निजी कॉलेज को सौंप दिया जाएगा।