कबाड़ से बनाई गेटवे ऑफ इंडिया की कृति
दुर्ग|दक्षिण पूर्वमध्य रेलवे दुर्ग में पदस्थ तकनीशियन अशोक देवांगन ने रायपुर के वैगन रिपेयर शॉप के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में गुड्स ट्रेन के बेकार हुए 6000 इएम पैड से 40 फीट लंबा 25 फीट चौड़ा गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई की हूबहू कृति बनाई है। इसे बनाने में करीब 6 माह लगे। इसका वजन करीब 50 टन है। इएम पैड का इसके पहले कोई उपयोग नहीं होता था। उन्होंने इसके पहले सांस्कृतिक विभाग रायपुरर में पदस्थ एवं लोककला पार्क ‘पुरखौती मुक्तांगन’ में सालों तक कई कलाकृतियां बनाई है। रेलवे में नौकरी के दौरान भी कई विभागों का सौंदर्यीकरण किया है। इसकी जानकारी रायपुर मंडल के वैगन रिपेयर शॉप के मुख्य कारखाना प्रबंधक पी. रवि कुमार को लगी। उन्होंने स्क्रैप से कुछ बनाने कहा। इसके बाद करीब 6 महीने में गेटवे ऑफ इंडिया की प्रतिकृति तैयार हो गई। जोन के जीएम नवीन टंडन डीआरएम रायपुर राजीव सक्सेना ने इस कृति का मुआयना कर इसे कबाड़ को सोना में बदलने वाला कार्य निरूपित किया।