खडग़वां (कोरिया,छत्तीसगढ़). ग्राम गिद्धमुड़ी निवासी 11 साल के बच्चे भंवर सिंह का वजन 80 से 85 किलो है। इस उम्र में किसी बच्चे का सामान्य वजन 30 किलो का होता है। भंवर छठवीं में पढ़ता है। किसान के यहां पैदा हुए भंवर की खुराक आम बच्चों से काफी अधिक है।
भंवर के माता-पिता ने बताया जब इसका जन्म हुआ तो बाकी बच्चों की तरह ही इसका वजन था। उम्र के साथ भंवर का वजन व शरीर का मोटापा बढ़ता गया। आज 11 साल की उम्र में उसका वजन 80 किलो है। आम बच्चों और भंवर में जमीन आसमान का अंतर नजर आता है। भंवर की खुराक भी ज्यादा है। एक बार में आधा किलो चावल खा जाता है। वह दिन में तीन-चार बार खाना खाता है।
इस मोटापे के साथ भंवर को काफी तकलीफ होती है। भंवर न तो ठीक से चल पाता है न नहा पाता है। और तो और उसे खाना खाने में भी परेशानी होती है। कुछ दूर चलने से उसकी सांस फूलने लगती है और बात करने में परेशानी होती है। भंवर की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। स्कूल में भी बच्चे उसे मोटा कहकर तंग करते हैं, अपने पास बैठने नहीं देते। भंवर के किसान पिता कल्याण सिंह ने बताया बचपन से इसका मोटापा बढ़ रहा है।
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