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पंचायत के लिए भवन नहीं चौराहे पर होती है बैठक

6 वर्ष पहले
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अंकिरा|अनेक विभागोंके लिए भवन निर्माण करने वाली ग्राम पंचायत अंकिरा के पास अब तक अपना स्वयं का भवन नहीं है। आलम यह है कि चाहे शपथ ग्रहण समारोह हो या पंचायत संबंधित जरूरी बैठक, उसे किसी पेड़ के नीचे या गांव के मुख्य चौराहे पर ही करना पडता है।

भवन निर्माण के लिए तीन दशक पूर्व ही पहल शुरू की गई थी। शासन से स्वीकृति कर निर्धारित जगह में भवन निर्माण शुरू भी किया गया। पर एक ग्रामीण द्वारा स्टे लगा देने से निर्माण कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद निर्माण एवं स्टे का सिलसिला चलता रहा। हर योजना में निर्वाचित जनप्रतिनिधि निर्माण की पहल करते रहे एवं काम शुरू हो, इसके पूर्व स्टे लगता रहा। जिसके कारण पंचायत भवन नहीं बन सका। जिससे यहां चलित पंचायत की तरह किसी भी जगह पंचायत कार्य निबटाए जाते है। इस ग्राम पंचायत भवन निर्माण की शुरूआत तत्कालिन सरपंच एवं स्व. सुकचंद्रों चक्रेश द्वारा 1985-86 में शुरू किया गया था। इसके बाद इन 2 सरपंच एक-एक योजना एवं दो सरपंच दो-दो योजना पद में रहे। इनके द्वारा भी निर्माण के लिए पहल किया गया। इसके बावजूद पंचायत को भवन नहीं मिल पाया। हालांकि पंचायत क्षेत्र में शासकीय भूमि की कमी नहीं है। इन 30 वर्षों में कई विभागों के दर्जनों भवन निर्माण किए गए। ऐसे में यदि पंचायत भवन को भी अन्य जगह में बनाया गया होता, तो आज पंचायत भवन विहीन नहीं होता।





इस संबंध में दूसरी बार निर्वाचित सरपंच शिवाराम बाबा का कहना है कि पंचायत भवन निर्माण को ही पहली प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए ग्रामीणों से रायशुमारी कर उचित पहल की जाएगी।