- Hindi News
- महिलाओं के लगातार विरोध के बाद भी गांवों में अवैध रूप से चल रहीं अंग्रेजी शराब की दुकानें
महिलाओं के लगातार विरोध के बाद भी गांवों में अवैध रूप से चल रहीं अंग्रेजी शराब की दुकानें
अंकिरा|एक औरजहां पूरे जिले में नशा विरोधी अभियान चल रहा है। अनेक गांव की महिलाएं समूहों में रैली एवं समझाईश देकर देसी शराब को बंद करा रहे हैं। वहीं इसका नाजायज फायदा अंग्रेजी शराब दुकान वाले उठा रहे हैं। आलम यह है अब हर गांव में अवैध रूप अंग्रेजी शराब की दुकान चलने लगी है। जिससे महिलाओं में आक्रोश बढ़ रहा है एवं वे आंदोलन का और उग्र करने के मूड में हैं।
उल्लेखनीय है की महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास से अनेक गांव सुधार की और अग्रसर हो रहे थे। घरों के माहौल भी शांति प्रिय होने लगे थे। पर अंग्रेजी शराब ने उनकी सारे मेहनत पर पानी फिरता नजर रहा है। हालांकि कुछ दिन पूर्व चुनिंदा बड़े गांवों में ही अवैध अंग्रेजी शराब बेचे जाते थे। पर ग्रामीणों की माने, तो प्रायः गांवों में बेचे जा रहे हैं। जिससे विवाद तो होता है, साथ ही अंग्रेजी शराब महंगी होने से घरों की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में सुलभता पूर्वक मिलने से युवा वर्ग भी इससे अछूते नहीं रह रहे हैं।ं जिससे विशेष कर महिलाओं में चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि कुछ दिन पूर्व फरसाबहार में अंग्रेजी शराब के प्रकरण बनाए गए थे। तब जहां अवैध शराब बेचने वालो में हड़कंप मच गया था एवं लोगों को लगने लगा था कि अब पुलिस विभाग सक्रिय होकर अभियान चलाएगा। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। बताया जाता है कि पुलिस को अंग्रेजी शराब बिकने की जानकारी होने के बाद भी वह आंख मूंद लेती है। गांवों की महिला समूहों ने बताया की शराबबंदी में उन्हें पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद वे गांव में माहौल को बिगड़ते देखकर शांत नहीं बैठेंगी। इसके लिए पूरे ब्लॉक के महिला समूहों को जोड़ा जाएगा एवं बैठक ली जाएगी। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा।