महिलाओं के प्रयासों को मिल रहा समर्थन
नशामुक्तिअभियान की लहर अब गांव-गांव तक पहुंच गई है। बगीचा विकासखंड के कई गांवों की महिलाएं अभियान के लिए एकजुट हो गई हैं। सैकड़ों महिलाओं ने हाथ में डंडा उठाकर प्रतीकात्मक दंडात्मक संदेश देते हुए शराबबंदी के लिए अपनी आवाज बुलंद की।
पूरे जिले में शराबबंदी को लेकर महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे अभियान ने बड़ा रूप ले लिया है। इसका व्यापक असर दिखने लगा है। महिलाओं के हाथ में डंडे के साथ शराबबंदी अभियान के जुनून ने शराब के कारोबारियों के होश उड़ा कर रख दिए हैं। इन दिनों बगीचा क्षेत्र के कुटमा पंचायत से सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर अपने गांव में ही अवैध शराब बनाने बेचने वालों पर हल्ला बोल दिया। जिसमें कई घरों से उनके द्वारा शराब बनाने के बर्तन अन्य सामग्रियों को जब्त किया गया। अभियान के दौरान सैकड़ों लीटर शराब को बहाकर नष्ट भी किया गया। देखते ही देखते इस गांव के आंदोलन में महिलाओं के साथ पुरुष,वृद्ध बच्चे भी शामिल होते चले गए। आसपास के गांव की महिलाओं को जब इस नशामुक्ति अभियान का पता चला, तो उनके द्वारा भी अपने गांव में ऐसे नशामुक्ति अभियान चलाए जाने की बात कही गई।
कुटमा पंचायत की महिलाओं के सहयोग से ओड़का, छाताबर, टांगरडीह समेत पुरंगा में भी महिलाओं ने बड़े पैमाने पर शराबबंदी को लेकर आंदोलन किया। इस अभियान में अनिता, माइकेल, सुदिप्ता, आशावती, शीला भगत समेत मानमति ने बताया कि उनके गांव में शराब से समाज गर्त की ओर जा रहा है। बच्चों में कुसंस्कार विकसित होते चले जा रहे हैं। वहीं शराब के नशे में महिलाएं भी प्रताड़ित हो रही हैं। जिसके कारण सभी महिलाओं ने एकजुट होकर इस शराबबंदी के अभियान को हाथ में लिया है।
अब नगर में चलेगा आंदोलन
आंदोलनरत महिलाओं ने बताया कि बहुत ही जल्द बगीचा नगरीय क्षेत्र में में शराब बंदी को लेकर एक बड़े आंदोलन की कार्ययोजना बन रही है। जिसके लिए आस-पास के गांव से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। कृष्णादास ने बताया कि सूतरी, रेंगले, बेंद समेत अन्य गांवों में भी नशामुक्ति अभियान का कार्यक्रम किया जाना है। जिसके बाद दर्जनों गांव की महिलाएं एकजुट होकर बगीचा में प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने बताया कि यहां के अंग्रेजी शराब दुकान से कोचियों के माध्यम से गांव-गांव तक शराब पहुंचाई जाती है। जिस पर पुलिस प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है। वहीं होटलों ढाबों में भी शराब का अवैध का