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झुलसा रोग से आलू की फसल बर्बाद

7 वर्ष पहले
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पाठक्षेत्र की प्रमुख फसल आलू में इन दिनों झुलसा रोग फैल गया है। जिसके चलते सैकड़ों एकड़ में लगी आलू की फसल बर्बाद हो गई है। जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, वे काफी मायूस हो गए हैं। उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है।

रोग के कारण आलू के पौधे काले पड़ कर सूख जा रहे हैं। पाठ क्षेत्र के रौनी, सुलेसा, मुड़ाकोना, धनापाठ, महनई पोस्कट समेत अन्य गांवों में झुलसा रोग का प्रकोप फैला है। किसान मुनेश्वर ने बताया कि उनकी दस एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। इसके अलावा महेंद्र यादव, सोनू गुप्ता, हृदय जायसवाल अन्य किसानों ने बताया कि पूरे पाठ क्षेत्र में रोग का फैलाव हो रहा है। अब तक सैकड़ों एकड़ की फसल में झुलसा रोग लग चुका है और फसल बर्बाद हो गई है। कीटनाशक व्यापारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि झुलसा रोग के प्रारंभिक चरण में रिडोमील मास्टर आदि का छिड़काव कर रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। पर अधिक मात्रा में अगर रोग फैल चुका हो, तो इसका कोई उपचार नहीं है। वहीं कृषि विस्तार अधिकारी आरएस जाटव ने बताया कि बारिश होने के कारण किसानों को पौधों में लगने वाले कई रोगों से निजात मिल गई है।

2 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

इससाल बगीचा के पाठ क्षेत्रों में करीब 2 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल लगाई गई है। अमूमन आलू की फसल तीन महीने में तैयार होती है। प्राय: दशहरा के बाद आलू की फसल तैयार हो जाती है। इस साल बारिश की अनियमितता के कारण फसल देर से ली गई है। जिससे इस बार दीपावली के बाद ही आलू की फसल निकलेगी। यहां के आलु को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, कानपुर अन्य शहरों की मंडियों में भेजा जाता है।

^बीजों का उपचार नहीं कराने के कारण झुलसा अन्य बैक्टिरियल रोग लगते हैं। ये रोग बीजों से शुरू होते हैं। जरूरी कीटनाशक का प्रयोग कर रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता है।\\\'\\\' आरएसजाटव, वरिष्ठकृषि विस्तार अधिकारी