मजदूरी नहीं मिलने के कारण कर रहे पलायन
महादेवडांड़| बगीचाब्लॉक के कुर्रोग गांव के मजदूरों को मनरेगा का काम खत्म होने के करीब साल भर बाद भी मजदूरी भुगतान नहीं मिला है। लंबे समय से आर्थिक अभाव के चलते बदहाली झेल रहे मजदूर परिवार अब यहां से पलायन करने को मजबूर हैं। बुधवार को कुर्रोग डूमरकछार गांव के अलग-अलग परिवार के चार सदस्य काम की तलाश में अपना डेरा-डंडा लेकर अंबिकापुर गए। इन लोगों का कहना था कि कम से कम बाहर जाकर मजदूरी करने से उन्हें नकद पैसा तो मिलेगा। जिससे वे अपनी आजीविका चला सकते हैं और अपने बच्चों का पोषण कर सकते हैं। रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले रामकला एवं अन्य मजदूरों ने बताया कि उन्होंने 2013-14 में डबरी निर्माण एवं भूमि सुधार का कार्य किया था। जिसका भुगतान आज तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वे मजदूरी भुगतान के लिए सरपंच, सचिव सहित दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं, पर कहीं से भी उन्हें अब कोई आस नहीं बची है। हर जगह से उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। ऐसे में उनके सामने बाहर जाकर मजदूरी करने के अलावा और कोई चारा नहीं दिखता। मजदूर अपने साथ खाने-पीने का कुछ सामान, कुछ लकडिय़ां भी ले गए हैं। जो जरूरत के वक्त उनकी काम आएंगी।