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झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं हो रही कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग सुस्त
रायगढ़|नसबंदी कांडके बाद चिकित्सा सेवा में पूरे राज्य में सावधानी बरती जा रही है लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग अब भी उदासीन है। शिविर के बाद बलौदा बाजार में एक झोलाछाप डाक्टर द्वारा महिला को सिप्रोसिन-500 टैबलेट दी गई जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले के बाद भी विभाग जिले में झोलाछाप डाक्टरों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में झोलाछाप डाक्टर मरीजों का इलाज करने में लगे हैं। शहर में जहां स्वास्थ्य विभाग दवा दुकान थोक विक्रेताओं के स्टॉक की जांच कर चुका है वहीं नीम-हकीमों पर नकेल कसने कोई अभियान नहीं छेड़ा गया है।
सभी ब्लाकों में सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज करने के लिए उपलब्ध है साथ ही नि:शुल्क दवा की भी व्यवस्था है, लेकिन कई गांवों में डॉक्टर नहीं होने के कारण लोग इलाज कराने झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाते हैं। सूत्रों की मानें तो झोलाछाप डाक्टर कालातीत (एक्सपायरी) या पुराने स्टॉक को खपाने का एक बड़ा जरिया हैं। वहीं कमीशन पर चलाई जाने वाली घटिया दवाएं भी यहां खपाई जाती हैं। ऐसे में प्रदेश की प्रतिबंधित कंपनियों की दवा का उपयोग भी ये झोलाछाप कर सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के झोलाछाप चिकित्सक मरीजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। जानकार मानते हैं कि स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण इलाकों में भी एक अभियान छेड़ कर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो बगैर मान्य डिग्री या रजिस्ट्रेशन के बतौर डाक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं। मलेरिया, ब्लड शुगर, टायफायड, प्रेग्नेंसी और ब्लड प्रेशर की जांच करने में भी झोलाछाप डॉक्टर पीछे नहीं रहते। जबकि इनके पास इन बीमारियों की इलाज के लिए संसाधन भी उपलब्ध नहीं रहता।
साथ ही ये बीमारियां बहुत ही खतरनाक होते हैं। जरा सी लापरवाही मरीज की जान छीन सकती है। बावजूद जिला प्रशासन झोलाछाप डॉक्टरों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। -शेषपेज 14
1.कड़ी सजा का प्रावधान
बिना डिग्री मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों की लापरवाही से किसी की जान जाती है तो उसे जेल हो सकती है। इसकी परवाह झोलाछाप डॉक्टरों को नहीं है। पिछले साल कापू बरमकेला क्षेत्र में मौसमी बीमारी का इलाज झोलाछाप डॉक्टरों से कराने से मासूम बच्चों के मौत होने का मामला सामने आया था। मगर परिजन