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इलाज के लिए लाइन लगाने विवश मरीज

7 वर्ष पहले
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क्षेत्रमें मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें मलेरिया, टायफायड, ईवीपीफ पीलिया के मरीज शामिल हैं। इस तरह हर दिन विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 100 से अिधक मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से 19 बेड वाले अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई है। इसके कारण मरीज, डॉक्टर स्टाफ के लोग भी परेशान हैं।

गौरतलब है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का लंबे समय से अभाव है। सबसे पहली बात इतने बड़े क्षेत्र के लिए बनाए गए 30 बिस्तरीय अस्पताल में मात्र 19 बेड की सुविधा है जो कि काफी कम है।

वहीं 19 बेड के अस्पताल के हिसाब से भी तो यहां डॉक्टर हैं, स्टाफ और ही अन्य संसाधन। ऐसे में मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था का चरमराना स्वाभाविक है।

मात्र 19 बेड की सुविधा स्वास्थ्य केंद्र में

तीसबिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती मरीजों के इलाज वर्तमान में मात्र 19 बेड ही उपलब्ध हैं। बारिश के रुक-रुक कर होने के कारण इन दिनों मलेरिया, टायफायड पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई मरीजों को हास्पिटल की गैलरी में लिटाकर इलाज किया जा रहा है। नगर पालिक निगम क्षेत्र होने और जिले का सबसे घनी आबादी वाला शहर होने के बाद भी यहां लोगों को समुचित स्वास्थ सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को भी परेशानी होती है। हॅास्पिटल परिसर में केंटीन की भी सुविधा नहीं है। इसके कारण मरीजों को होटल से खाने पीने का अनहाईजेनिक खाद्य पदार्थ लाना पड़ता है।

मरीज बारी का इंतजार करते हैं

इनदिनों इलाज के लिए मरीजों को लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। डाॅक्टर की कमी से सामुदायिक स्वास्थ केंद्र इन दिनों मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। वहीं अस्पताल में आया वार्ड ब्वाय सहित अन्य स्टाफ की भी कमी है। मौसमी बीमारियों से पीड़ित 100 से 125 मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन दिनों जिस गति से वायरल फीवर, मलेरिया, टायफायड पीलिया के मरीज बढ़ रहे हैं। इससे अस्पताल प्रबंधन की परेशानी बढ़ना तय है।

बचने का उपाय

बढ़तेबीमार पीड़ितों को देखते हुए डॉ. आरआर गजभिए डाॅ. प्रदीप रोहन का क