रैनबसेरा किराए से दिया, जनप्रतिनिधि मौन
हल्दीबाड़ीमें बना रैनबसेरा दस साल से खाली पड़ा था। इसे आम लोगों के लिए नहीं खोला गया। अब उसे नगर पालिका ने विद्युत मंडल को किराए से दे दिया है। इस तरह अब रात को आने वाले यात्रियों गरीबों का सहारा छीन लिया गया है। इसके बाद भी किसी भी जनप्रतिनिधि ने इसका विरोध नहीं किया।
नगर पालिका परिषद ने 1999 में अविभाज्य मध्यप्रदेश के समय चिरमिरी हल्दीबाड़ी में रैनबसेरा बनवाया था। इसका लोकार्पण पूर्व मंत्री डाॅ. रामचंद्र सिंहदेव ने किया था। यह रैनबसेरा अब निगम के लिए आय का साधन बन गया है। रैनबसेरा बनने के समय से ही बाहरी लोगों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा था। इसे देखते हुए इसे विद्युत मंडल कार्यालय के संचालन के लिए किराए पर दे दिया गया है। गौरतलब है कि हर शहर में रात को आने वाले यात्रियों के रुकने के लिए रैन बसेरा बलाया गया है। ठंड और बारिश के दिनों में जब गरीबों के रहने के लिए जगह नहीं मिलती तो वे इसी रैन बसेरा का सहारा लेते हैं। पर देख-रेख के अभाव अन्य किसी कारण से इसे आम लोगों के लिए नहीं खोले जाने से यह अब तक अनुपयोगी साबित हो रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए कुछ समय पहले इसे विद्युत मंडल को किराए पर दे दिया गया है। इसके बाद इसके सार्वजनिक उपयोग पर रोक लग गई है। प्रशासन के इस निर्णय का किसी ने भी विरोध नहीं किया है। यहां तक कि जनप्रतिनिधि भी इसे लेकर सक्रिय नजर नहीं आए।
हल्दीबाड़ी में बना रैनबसेरा।