कब पूरा होगा साजापहाड़ मार्ग
चिरमिरीको मनेन्द्रगढ़ से जोड़ने वाली 17 किमी लंबी साजापहाड़ सड़क 7 साल में भी पूरी नहीं हो पाई है, इसे लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। इस सड़क के लिए कई बार भूमि पूजन हुआ, कई बार दावे किए गए पर सड़क अब तक नहीं बन पाई है।
चैनपुर उपजेल के आगे हसदेव नदी पर बने पुल को बने एक दशक हो चुका है। तब से इस सड़क की मांग की जा रही है। यह सड़क बनने से मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी की दूरी महज 16 किमी ही रह जाएगी। वर्तमान में मनेन्द्रगढ़ के लोगों को चिरमिरी जाने के लिए नागपुर चौराहा होते हुए लगभग 40 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। यह सड़क बनने से चिरमिरी-मनेन्द्रगढ़ के लोगों को सहूलियत होगी। 2007 में मनेन्द्रगढ़-साजापहाड़ होते हुए चिरमिरी तक सड़क बनाने के लिए टेंडर निकाला गया था इसे सवा साल में पूरा हो जाना था। उस समय ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया। उसके बाद चार बार टेंडर हुए पर काम अधूरा ही रहा।
प्रदेश सरकार ने 2008 में फिर से साजापहाड़ होते हुए चिरमिरी तक सड़क बनाने के लिए 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की। टेंडर के मुताबिक यह काम तीन साल में पूरा होना था पर आज तक यह काम पूरा नहीं हो पाया। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र की इस बहुप्रतीक्षित सड़क के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि गंभीरता से प्रयास करें तब कहीं जाकर यह सड़क पूरी हो पाएगी।
साजापहाड़ मार्ग जो छह साल में भी नहीं बन पाया है।