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जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों की सड़कें हैं बदहाल
नक्सलप्रभावित क्षेत्रों में सड़कें दिन दिन खस्ताहाल होती जा रही हैं लेकिन इस तरफ तो प्रशासन का ध्यान है और ही जनप्रतिनिधियों का। इस वर्ष भारी बारिश के कारण सड़कों के साथ ही इलाके में पुल पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यहां शाम और रात के वक्त अंधेरे के कारण लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। डोंगरीपाली से झाल की सड़क इतनी बदहाल हो चुकी है कि इस पर चलना खतरे से खाली नहीं है। सड़कों में बड़े-बड़े गढ्ढे हो चुके हैं। ओडिशा से लोहराचट्टी को जोड़ने वाले इस मार्ग पर डोंगरीपाली, आमापाली, पतेरापाली, वनवासपाली, जामदल्खा, जीरापाली, सेमरापाली, लीमपाली, केरमेली, खम्हरिया, कालाखुंटा, झाल ओडिशा के कुदोपाली, कुदोपाली, पकड़ीपाली, सासपाली सहित एक दर्जन से ज्यादा गांव के लोग निर्भर हैं।
यहां सड़कों के जर्जर होने से लोग परेशान हो रहे हैं। इस समस्या को लेकर सबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए गए हैं और मौखिक गुहार लगाई गई है बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार डोंगरीपाली झाल मार्ग का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था। बेहद पिछड़े इलाके में सड़क निर्माण से लोगों को राहत मिली थी। इसके बाद इस मार्ग के मेनटेनेंस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सड़कों की हालत इतनी बदतर है कि इस पर चलना ही मुश्किल हो गया है। विभाग के अधिकारियों के साथ ही इस इलाके के जनप्रतिनिधि भी उदासीन हैं जिसके कारण लोगों की समस्या दूर नहीं हो रही है।
खरीददारी के लिए ओडिशा जाना मजबूरी
डोंगरीपालीक्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है क्षेत्र की सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि डामर का पता नहीं चलता है। गड्ढों से पटी सड़कों से लोग इतना त्रस्त हो चुके हैं कि खरीददारी के लिए या बाजार के किसी काम के लिए बरमकेला जाकर ओडिशा के सोहेला जाते हैं।
बारिश से बह गई सड़क
सोहिलामार्ग पर डोंगरीपाली के निकट सड़क का एक बड़ा हिस्सा बारिश से बह गया है पर अब तक इस पर सुधार कार्य नहीं किया गया है। इससे लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर चलना पड़ता है।
पुल पर आवाजाही खतरे से खाली नही
डोंगरीपालीसे झाल मार्ग पर पतेरापाली के निकट 1975 में बनी मलामुड़ा पुल जर्जर अवस्था में है। पुल की पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस पुल का एक हिस्सा इस वर्ष की बारिश से ढह चुका है। वही गड्ढों के साथ ही पुल कई जगह से टूट भी चुका है। यहां