दानसरा । रेलवे बोर्ड या राज्य शासन से स्वीकृति मिलने के पूर्व ही चक्रधरनगर रेलवे क्रासिंग पर शहर के दूसरे रेलवे ओवरब्रिज बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को सेतु निगम की टीम ने विशेषज्ञों के साथ सोइल टेस्ट (मिट्टी की जांच) शुरू किया। ये टीम जांच के बाद ड्राइंग तैयार करेगी, जिसके बाद इस आरओबी को स्वीकृति के लिए रेलवे को भेजा जाएगा। सर्वे शुरू किए जाने के बाद जल्द ही आरओबी को स्वीकृति मिलने और काम शुरू होने की बात कही जा रही है।
पिछले तीन दिनों से चक्रधरनगर क्षेत्र में सर्वे का काम जारी है।
आरओबी के लिए प्रस्तावित निर्माण स्थल में जमीन की खुदाईकर मिट्टी और पत्थर का नमूना लिया जा रहा है। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि वह जगह आरओबी के लिए उपयुक्त है कि नहीं। मंजूरी के बाद आरओबी का निर्माण किया जाएगा और काम पूरा होने पर चक्रधर रेलवे फाटक को बंद कर दिया जाएगा। इस सर्वे के बाद लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में चक्रधरनगर रेलवे क्रासिंग पर अक्सर रहने वाले जाम से उन्हें मुक्ति मिलेगी। डिग्री कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को फाटक बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी होती थी।
कहां किया सर्वे : रेलवे,नगर निगम और सेतु निगम की संयुक्त टीम ने तीन दिनों में यंत्रों के माध्यम से नाप जोख शुरू की है। स्थल की फोटोग्राफी भी कराई जा चुकी है। रायपुर के ठेकेदार ने डीएफओ कार्यालय से नूतन स्टोर्स तक 100 मीटर की दूरी पर खुदाई कर मिट्टी और जमीन के अंदर के पत्थर को निकाला। ठेकेदार के अनुसार आरओबी के निर्माण के लिए छह जगह खुदाई कराई जाएगी। उसके अनुसार एक जगह के खुदाई के बाद ही वह दूसरी जगह का चिह्नांकन करेगा। इसमें दिलचस्प बात यह है कि महापौर महेंद्र चौहथा पिछले दिनों चक्रधरनगर रेलवे क्रासिंग पर आरओबी बनाए जाने की योजना का विरोध करने और रेलवे को पत्र लिख कर इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी यहां सर्वे के बाद ड्राइंग बनाया जा रहा है।
ओवर ब्रिज की है जरूरत : भीड़ भरे इस रेल क्रासिंग पर होती है। आरओबी की लंबाई ज्यादा होने से नजदीक के क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को परेशानी हो इसके लिए आरओबी के साथ अब रेलवे आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) भी बनाने की योजना बना रहा है। संभवत: चक्रधरनगर रेलवे क्रासिंग पर शहरवासियों को आरओबी के साथ ही आरयूबी भी मिले, लेकिन यह इस्टीमेट को मंजूरी मिलने के बाद ही तय होगा।
स्वीकृति के पूर्व ही शुरू किया गया सर्वे : सूत्रोंसे मिली जानकारी के अनुसार डेढ़ लाख या उससे ज्यादा लोगों की अनुमानित आवाजाही वाले इलाके में स्थित क्रासिंग को रेलवे जल्द बंद करेगा। इसमें शहर की चक्रधरनगर और कोतरा रोड रेलवे क्रासिंग शामिल है। इसके कारण ही स्वीकृति के पूर्व ही रेलवे ने सेतु निगम की सहायता से चक्रधरनगर रेलवे क्रासिंग पर आरओबी के लिए ड्राइंग बनाना शुरू कर दिया है।
यहां आरओबी को तो रेलवे बजट में शामिल किया गया है और ही राज्य शासन ने ऐसी कोई योजना बनाई है। इससे पहले तकनीकी विशेषज्ञ सोइल टेस्ट कर रहे हैं, जिसमें जमीन के भीतर हार्ड स्ट्रेटा (भूमि के भीतर वह ठोस परत जहां ब्रिज के खंभे टिक सकें और मिट्टी पुल का वजन सह सके) का पता लगाएंगे। इसके बाद ही आरओबी के लिए ड्राइंग बनाई जाएगी। रेलवे ने एक खाका तैयार कर सेतु निगम को दिया है, जिसके आधार पर सेतु निगम जीएडी (सामान्य संरचना मानचित्र) बनाएगा। इसके आधार पर ही रेलवे यहां आरओबी को मंजूरी देगा।
रेलवे ने हमसे कहा है ड्राइंग बनाने के लिए :'' रेलवे ने सेतु निगम को चक्रधरनगर रेलवे क्रासिंग पर आरओबी की ड्राइंग तैयार करने को कहा है। आरओबी को राज्य शासन या रेलवे से फिलहाल स्वीकृति तो नहीं मिली है,लेकिन सर्वे के बाद जल्द ही ड्राइंग बना कर रेलवे को दिया जाएगा। ब्रिज का काम कब शुरू होगा और कितनी लागत होगी यह फिलहाल नहीं बता सकते।'' आरएस तिवारी, कार्यपालन अभियंता सेतु निगम ।