जानकारी देने से इनकार किया, परिवाद दायर
सूचनाका अिधकार के तहत चाही गई जानकारी को देने से इंकार करने पर अधिवक्ता ने गौरेला नगर पंचायत के जनसूचना अिधकारी के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया है। इसमें न्यायालय ने पुलिस को जांच का आदेश दिया है।
सूचना के अिधकार के तहत अधिवक्ता कैलाश राठौर ने 21 24 मई को आवेदन दिया था। आवेदन में 2012 उसके बाद लोहरा झोरकी उद्यान में हुए पार्क हट निर्माण एवं 2011-12 में ब्रह्मचारी तालाब में हुए पिचिंग कार्य की एमबी की फोटो कॉपी की मांग की गई थी। पर उसे उक्त जानकारी नहीं दी गई। परिवाद में कहा गया है कि जब 25 अगस्त को वह सुबह 11.30 नगर पंचायत के जनसूचना अिधकारी नसीर खान के पहुंचकर उक्त दस्तावेजों की मांग की तो उसने यह कहते हुए कि उसके जैसे कितने लोग जानकारी मांगते रहते हैं। जानकारी देने से इनकार कर दिया। परिवादी के अनुसार जनसूचना अिधकारी के इस कथन से उसके मान, सम्मान प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है। घटना के दौरान मौके पर अिधवक्ता फिरोज खान भी मौजूद थे जिसने पूरी घटना को देखा सुना है। इसकी 27 अगस्त को गौरेला थाना 9 अक्टूबर को पंजीकृत डाक से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत भी किया है। इसके बाद भी जनसूचना अिधकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में जनसूचना अिधकारी के खिलाफ गौरेला थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाना चाहिए जो कि विधिसंगत है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी किरण त्रिपाठी के न्यायालय में 3 दिसंबर को दायर हुए इस परिवाद पर न्यायालय ने थाना प्रभारी गौरेला को यह कहते हुए जांच का आदेश दिया है कि मामले में यदि अपराध का घटित होना पाया जाता है तो फिर अपराध दर्ज करें और यदि अपराध का घटित होना नहीं पाया जाता है तो फिर इसका जांच प्रतिवेदन 6 जनवरी 2015 की पेशी में न्यायालय में पेश करें।