आए थे समस्या लेकर, लौटे निराश होकर
शिक्षकों के समस्या समाधान के लिए लगाए गए शिविर में विभाग के किसी भी अधिकारी कर्मचारी के नहीं पहुंचने के कारण अपनी समस्याओं के निराकरण की प्रत्याशा में शिविर स्थल से कई शिक्षक निराश वापस लौट गए।
स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश पर 20 सितंबर शनिवार को पेण्ड्रा, गौरेला और मरवाही विकासखण्ड के शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए पेण्ड्रा के मल्टी परपज स्कूल में शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में तीनों ही विकासखण्ड से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पंचायत शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर सुबह 11 बजे से पहुंचे थे। शाम 4 बजे तक इंतजार करने के बावजूद भी कोई भी अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने नही आया। शिविर में पहुंचे सभी शिक्षक निराश एवं नाराज दिखे। मिडिल स्कूल नवापारा में पदस्थ विकलांग शिक्षिका गीता राठौर देर से मिलने वालेे वेतन की शिकायत को लेकर पहुंची थी। वहीं गौरेला के कोरजा में पदस्थ महिला शिक्षाकर्मी ओमवती राठौर अपनी यह समस्या बताने आई थी कि उसके स्कूल में कामचोर स्वीपर को हटा दिये जाने के कारण गांव के कुछ लोग उसे परेशान कर रहे है जिसके कारण वह स्थानांतरण चाहती है। खोड़री की शिक्षिका कांति सिंह का मातृत्व अवकाश का वेतन नहीं दिया जा रहा है वहीं मरवाही के कोटखर्रा के मनोज राठौर का पितृत्व अवकाश का वेतन डेढ़ साल से रूका हुआ है। हर्राटोला में आरएमएसए द्वारा संचालित हाईस्कूल में पदस्थ विमला तिवारी मगुरदा के मिडिल स्कूल के नीलमणी गुप्ता को छह माह से वेतन नहीं दिया गया है। इसके अलावा नियमितीकरण से अब तक का एरियर्स बकाया है। हर्राटोला के दुर्गेश दुबे का चिकित्सा अवकाश का वेतन रूका हुआ है वहीं अभ्यास शाला अमरपुर के शिक्षकों रामलाल लहरे, सरिता गुप्ता, समार सिंह कोर्राम, शारदा तिवारी का नाम वरिष्ठता सूची में नहीं है। कई शिक्षक अपनी-अपनी समस्या के निदान के लिए शिविर में आए थे पर उनकी सुध लेने कोई भी अधिकारी नहीं आया।
अभी तक निर्देश नहीं मिल पाया है
^हमारेब्लाक के स्कूल आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत आते हैं। हमारे विभाग के द्वारा शिविर आयोजन का हमें कोई निर्देश नही मिला है। यदि यहां के शिक्षकों को कोई समस्या है तो वह बीईओ आफिस में आवेदन दे सकता है। इस आफिस से संबंधित समस्या का यहीं निराकरण कर दिया जाएगा। आरएसपरस्ते, बीईओपेंड्रा
पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर पर आपत्ति
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