• Hindi News
  • National
  • नया पुराना धान मिलाकर बेचते 3 किसानों से 308 बोरी धान जब्त

नया-पुराना धान मिलाकर बेचते 3 किसानों से 308 बोरी धान जब्त

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
धान उपार्जन केंद्रों में धान बेचने आए 3 किसानों से गुणवत्ताविहीन और मिश्रित धान बताकर 308 बाेरी धान जब्त किया गया। एसडीएम ने जब्त धान को समिति प्रबंधक के सुपुर्द करने निर्देश दिया है।

मंगलवार की दोपहर गौरेला एसडीएम, पटवारी, आरआई व नायब तहसीलदार ने धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दाैरान उपार्जन केंद्रों में िकसानों को निम्न गुणवत्ता व मिश्रित धान बेचते पाए जाने पर 308 बोरी धान जब्त िकया गया। इनमें किसान िसपाही लाल ग्राम पोड़ी के 132 बोरी, किसान लक्षमेंद्र ग्राम लाेहारी 101 व िकसान जमुना जायसवाल मरवाही के 75 बोरी धान को जब्त कर समिति प्रबंधक के सुपुर्द किया गया है। वहीं एसडीएम ने समिति प्रबंधक को सभी किसानों के आधार कार्ड व पट्टा पर्ची धान बेचते समय जांच करने निर्देशित किया। इधर धान जब्ती की इस कार्रवाई से पीड़ित किसानों में गुस्सा है। वहीं अन्य किसानों ने एसडीएम की कार्रवाई को अनुचित बता रहे है। लोहारी के किसान लक्षमेंद्र का कहना है िक जब्त धान काे छुड़वाने के लिए परेशान होना पड़ेगा। 101 बोरी धान पाने कर्ज लेकर जी-तोड़ मेहनत की थी। अब उसे छुड़ाने में पता नहीं कितना खर्च करना पड़ेगा।

एसडीएम का था निर्देश
एसडीएम के निर्देश पर धान जब्ती की कार्रवाई की गई है। जब्त धान को समिति प्रबंधक के सुपुर्द किया गया है। कलेक्टर के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीसी साहू, नायब तहसीलदार

मरवाही विधायक से करेंगे शिकायत, न्यायालय भी जाएंगे
किसान जमुना जायसवाल ने कहा कि धान थोड़ा सा खराब हाेने पर उसे जब्त कर लिया गया है, पर पिछले साल सूखा राहत मुआवजा में करोड़ों रुपए का बंदरबांट हुआ था तो उस पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत मरवाही विधायक से करेंगे आैर अधिकारियों द्वारा की जा ही मनमानी से उन्हें अवगत कराएंगे। बात नहीं बनी तो न्यायालय की भी शरण लेंगे। यह हमारे साथ अन्याय है।

धान की क्वालिटी भी खराब
उपार्जन केंद्र में िकसान गर्मी व अभी का धान मिलाकर बेचने आए थे। क्वालिटी भी खराब है। इसलिए कार्रवाई की गई। जब्त धान को समिति प्रबंधक के सुपुर्द किया गया है। ऋचा प्रकाश चौधरी, एसडीएम गौरेला

जब्त धान छुड़ाने कोर्ट व एसडीएम ऑफिस की दौड़
ग्राम पोडी निवासी किसान सिपाही लाल के बेटे मनमोहन सिंग ने बताया कि हम 10 से 12 किलोमीटर दूर से 132 बोरी धान बेचने आए थे। जिसे जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका धान अधिकारी को पसंद नहीं आया तो उन्हें धान वापस ले जाने देते। जब्ती धान को छुड़वाने अब रोज कोर्ट-कचहरी और एसडीएम कार्यालय जाना पड़ रहा है। इससे हमार समय भी बर्बाद हो रहा है। साथ ही हम गरीबों के पैसे भी खर्च हो रहे हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को किसान पर अन्याय बताया।

एसडीएम के आदेश पर जब्त किया गया धान समिति प्रबंधक काे किया सुपुर्द
खबरें और भी हैं...