जिद में नवविवाहिता ने लगा ली फांसी
भास्कर न्यूज|दर्री-जमनीपाली
मायकेजाने की जिद में लगी एक नवविवाहिता ने शनिवार को घर में फंासी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
हमारे प्रतिनिधि महेंद्र साहू ने बताया कि दर्री के जयभगवान गली में निवासरत प्रमोद कुमार एचटीपीपी में नियोजित एक ठेका कंपनी में रीगर है। उसकी शादी दो साल पहले बिल्हा, बिलासपुर की बेबी देवी से हुआ था। दंपत्ति अब तक निसंतान थे। घर में प्रमोद की मां कुमारी बाई और देवर दुर्गा प्रसाद भी रहते हैं। शनिवार की दोपहर लगभग 12 बजे नवविवाहिता बेबी बाई घर मंे फंासी के फंदे पर लटकते दिखी। स्कूल से लौटने पर देवर दुर्गा प्रसाद ने यह नजारा देखा। उसने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। समीप घर में कुमारी बाई बैठी थी। वह भी घर पहुंची। प्रमोद भी आसपास घुमने गया था। वह भी घर पहुंचा। उन्होंने जीवित होने के उम्मीद से बेबी को फंदे से उतारकर एनटीपीसी अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही दर्री थाना में पदस्थ एसआई राजेंद्र वहां पहुंचे। उन्होंने जरूरी जानकारी ली। इसके बाद घटनास्थल पहुंचे। जहां निरीक्षण के बाद उन्होंने शाम होे जाने की वजह से कमरे को सील कर दिया। रविवार को राजपत्रित अधिकारी के समक्ष घटनास्थल का सील खोलकर जांच की जाएगी। दूसरी ओर मर्ग कायम कर शव को मरच्यूरी में सुरक्षित रख दिया गया है। मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद शव को पोस्टमार्टम कार्रवाई हाेगी। एसआई यादव ने घटना के संबंध में बताया कि नवविवाहिता की मौत से जुड़े होने की वजह से आगे की कार्रवाई राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में होगी। मायके पक्ष का बयान लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर मौत के वास्तविक कारण का पता चलेगा।
बेबी बाई
मायके जाना चाहती थी
मृतकाके पति प्रमोद कुमार ने पुलिस को दिए प्रारंभिक जानकारी में बताया कि उसकी प|ी बेबी बाई पिछले 2-3 दिनों से मायके जाने की जिद कर रही थी। छुट्टी नहीं मिलने की वजह से वह उसे ले जा नहीं पा रहा था। शनिवार को सुबह 8 बजे वह ड्यूटी से लौटा था। अगले दिन रविवार को छुट्टी थी। इसलिए वह शाम को बिल्हा जाने के लिए बेबी बाई कोे तैयारी करने को कहा था। वह करीब 11 बजे घर से घुमने के लिए निकला था। उसके मुताबिक सभवत: उसकी प|ी ने मायके नहीं ले जाने की बात सोचकर ऐसा कदम उठाया है।