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शहर की सड़कों पर बढ़ा खतरा

5 वर्ष पहले
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ट्रक की ठोकर से महिला की मौत
हाइवा ने किसान को कुचला, मौत
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

कोर्ट से अपना काम निपटाकर घर लौट रहे किसान को शहर के बीचों बीच एक हाइवा ने अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल पर ही किसान की मौत हो गई। इधर हाइवा छोड़कर चालक भाग निकला, पुलिस ने हाइवा को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक की पतासाजी की जा रही है।

शहर के हृदय स्थल नेताजी चौक व कचहरी चौक के बीच पर गुरूवार की दोपहर डेढ़ बजे तेज रफ्तार हाईवा ने साइकिल सवार को अपनी चपेट में ले लिया। इससे साइकिल सवार प्रौढ़ की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार गुरूवार की दोपहर कन्हाईबंइ नैला निवासी गोपाल राठौर पिता धुनीराम (69 वर्ष) कोर्ट के काम से साइकिल से जांजगीर आया था। दोपहर डेढ़ बजे वह वापस अपने गांव लौट रहा था। कचहरी चौक से चार कदम आगे डीके मेडिकल स्टोर के पास पहुंचा था। शेष पेज 12





तभी तेज रफ्तार हाईवा क्रमांक सीजी 12 सी 1239 के चालक ने किसान को अपनी चपेट में ले लिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने मृतक के परिजनों को फोन पर सूचना दी। धीरे -धीरे लोग मौके पर इकट्‌ठे होने लगे। पुलिस ने शव काे जिला अस्पताल ले जाने के लिए एक पिकअप को रुकवाया। शव को पिकअप में लोडकर ले जाने की तैयारी की जा रही थी तभी मौके पर उपस्थित लोगों ने हंगामा कर दिया। किसी तरह टीआई अजय शंकर त्रिपाठी ने मुआवजे की गारंटी लेते हुए शव से भरे वाहन को रवाना किया। इधर हाईवा का चालक तेज रफ्तार से भागते हुए अकलतरा रोड में शिवराम कालोनी के पास वाहन को खड़ी कर भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी अज्ञात चालक के खिलाफ धारा 304 ए के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।

शव को बिना पंचनामा के भेजा पीएम के लिए

पुलिस ने चतुराई करते हुए बिना पंचनामा किए शव को उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को आशंका थी कि मौके पर कहीं चक्काजाम न हो जाए। मौके पर मौजूद लोग परिजनों के आने का इंतजार करने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने शव को पिकअप में रखकर जिला अस्पताल भिजवा दिया। लोग वाहन को रोक रहे थे, इस दौरान तकरीबन आधे घंटे तक बीच सड़क में लोगों व पुलिस के बीच विवाद का दौर चला। बड़ी मुश्किल से लोग माने। एक घंटे के भीतर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

फोटो- 11 जेएएन 4 : घटना स्थल पर पड़ी लाश

फोटो- 11 जेएएन 5 : घटनास्थल पर लगी लोगों की भीड़

शहर में बायपास रोड होना जरूरी है। बायपास रोड हो जाने से लोगों को भारी वाहनों से मुक्ति मिल जाएगी। हालांकि शहर के बीचों भारी वाहनों को नियंत्रित करने ट्रैफिक के जवान हर चौक चौराहों में तैनात रहते हैं। इसके अलावा थाने की पुलिस भी दिन भर पेट्रोलिंग करती है। विजय अग्रवाल, एएसपी

शहर अंदर पहुंचना आसान नहीं
रोज गुजरते हैं दो हजार भारी वाहन
बाइपास नहीं होने से शहर अंदर पहुंचना अभी आसान नहीं है। चांपा से जांजगीर के बीच में बन रहे ओवरब्रिज के कारण आए दिन वहां बड़े-बड़े वाहन चलने से जाम की स्थिति निर्मित होती है। सप्ताह भर पहले ही एक व्यक्ति की वहां दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके अलावा आए दिन छोटे छोटे हादसे से लोग बाल-बाल बचते हैं। इसी तरह केरा रोड में बस स्टैण्ड के पास सड़क के दोनों ओर ट्रकों का जमावड़ा रहता है। यह रोड डेंजर डोन बन गया है। इस रोड आए दिन कोई न कोई हादसा होता ही रहता है।





इसके अलावा बनारी रोड से शहर पहुंचने वाला सड़क भी काफी जर्जर हो गया था। हालांकि एनएच द्वारा अभी सड़क निर्माण कराया गया है। उसके बाद अब फिर जर्जर हो गया है। इसी तरह शहर अंदर पहुंचने तीनों मार्ग में हमेशा हादसे का डर लोगों को सताते रहता है।

जिला मुख्यालय बनने के बाद शहर के लोगों के द्वारा लगातार बायपास रोड की मांग की जा रही है। बायपास रोड बन जाने के बाद यमदूत की तरह दौड़ रहे भारी वाहनों से मुक्ति मिल पाएगी। ट्रैफिक प्रभारी शीतल सिदार के अनुसार शहर के मुख्य मार्ग से हर रोज करीब दो हजार भारी वाहनों का आना- जाना होता है। इसके अलावा सौ से अधिक कार और 2 हजार से अधिक दो पहिया वाहनों का गुजरना होता है। छोटे वाहन के चालकों को हाइवा और ट्रेलर से अधिक खतरा रहता है। भारी वाहनों के प्रतिबंध नहीं होने से इसका शिकार छोटे वाहनों को होना पड़ता है।

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