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सावधानी ही बचा सकती है स्वाइन फ्लू के खतरे से

6 वर्ष पहले
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राजधानीके एक व्यक्ति की मौत स्वाइन फ्लू से हो चुकी है तथा तीन मरीज स्वाइन फ्लू की आशंका जताई जा रही है। जिसके बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिले में 2010 में मालखरौदा से दो व्यक्ति की मौत चुकी है। इससे जिले में भी स्वास्थ्य प्रबंधन अलर्ट हो गया है। इसके लिए जिला अस्पताल में चार बेड का एक आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है

इस समय मौसम परिवर्तन के कारण बीमारी का सीजन चल रहा है। प्राय: हर घर में कम से कम एक व्यक्ति वायरल फीवर से पीडि़त है, रोग का लक्षण साफ नहीं होने से आशंकाएं बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। डाक्टरों का कहना है कि मानव शरीर में स्वाइन फ्लू के वायरस (एन1 एच1) सात दिन के भीतर परिलक्षित होने लगते हैं। शुरुआती दौर में मरीज को बुखार आना, सिर दर्द, खांसी, बदन दर्द, गले में खराश जैसी तकलीफें घेरती हैं। अगर समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो ब्रोन्काइटिस, ओटाइटिस मीडिया, दमा, न्युमोनिया आदि बीमारियां भी मरीज को घेर सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य खराब होते ही तुरंत विशेषज्ञ डाक्टरों से जांच कराने और खानपान दिनचर्या को संतुलित करने की सलाह दी जा रही है।

स्वाइन फ्लू के लिए जिला अस्पताल में टेमी फ्लू टेबलेट अभी तक नहीं उपलब्ध नहीं हो सका है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि रायपुर में टेमी फ्लू खत्म हो गया है। अब यह टेबलेट मुम्बई से आएगी, इसलिए देरी हो रही है। मंगलवार तक टेमी फ्लू की 100 टेबलेट जिला चिकित्सालय में पहुंचने की बात कही जा रही है।

जिला चिकित्सालय का आइसोलेशन वार्ड

रोकथामके उपाय

{सर्दीया खांसी से ग्रस्त व्यक्ति के आसपास रहने पर अपनी नाक मुंह को रुमाल से ढंक लें। ऑफिस या बाहर से घर पहुंचने पर कुछ खाने से पहले अच्छी तरह हाथ साबुन से धोएं। घर के आसपास गंदगी रहने दें। भीड़भाड़ वालेे स्थान जैसे बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि पर संक्रमण का अधिक खतरा रहता है। इसलिए एेसे स्थानों पर छींक या खांसी आने के समय नाक पर रुमाल रखना नहीं भूलें। शिकायत मिलते ही डॉक्टर से तत्काल संपर्क करें। सर्दी-खांसी से प्रभावित लोगों का सामान का उपयोग करें तथा जूठन खाएं।

^जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीजों की जांच की सुविधा है। ज्यादा दिनों तक सर्दी या खांसी होने पर तुरंत जांच कराएं। स्वाइन फ्लू से निपटने एवं उसके बचाव के लिए पूर्ण रूप से सजग रहें। डा.व्हीके अग्रवाल, सीएस