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व्यापारियों को फिर दी छह माह की मोहलत

6 वर्ष पहले
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अगस्त 2012 से सातवीं बार बढ़ाई समय सीमा, 4 अगस्त 2015 तक लाइसेंस रजिस्ट्रेंशन से मिलेगी छूट।

भास्करन्यूज|जांजगीर

खाद्यकारोबारियों को अगले छह माह और रजिस्ट्रेशन लाइसेंस के बिना कारोबार करने की छूट मिल गई है। फूड सेफ्टी एक्ट लागू होने के बाद 2012 से लगातार सातवीं बार यह मोहलत बढ़ाई गई है। अगस्त 2014 में बढ़ाई गई छह माह की मोहलत बुधवार 4 फरवरी को खत्म हो गई थी।

आमतौर पर मोहलत बढ़ाए जाने संबंधी आदेश एकाध दिन पहले ही जाते हैं। इस बार आदेश आने से विभाग में दुविधा की स्थिति थी कि गुरुवार से उन्हें कार्रवाई करना है या नहीं पर दो दिन बाद मोहलत बढ़ाए जाने संबंधी आदेश गया। कारोबारियों एक बार फिर छह माह यानि 4 अगस्त 2015 तक की मोहलत मिल गई है। पूर्व निर्धारत समय सीमा 4 फरवरी के नजदीक आते देख कारोबारियों ने कुछ तेजी दिखाई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक हफ्ते के दौरान लगभग 250 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए।

जबकि 25 कारोबारियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किए। इन सब के बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं, जिनको इस अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस लेना है। मापदंड के मुताबिक खाद्य कारोबारी िबना लायसेंस और रजिट्रेशन खाद्य पदार्थ नहीं बेच सकते। अधिनियम में कार्रवाई का भी प्रावधान है। कानून के मुताबिक ऐसे खाद्य व्यापारी जिनका सालाना कारोबार 12 लाख या इससे ज्यादा है, और जिन्होंने लाइसेंस नहीं बनवाया है, तो उन्हें 5 लाख तक का जुर्माना और छह माह की जेल हो सकती है। जबकि रजिस्ट्रेशन कराए बिना खाद्य पदार्थ खरीदने-बेचने वाले छोटे कारोबारियों को 2 लाख का जुर्माना भरना पड़ सकता है। समय सीमा बढ़ने की वजह से यह प्रावधान अब 5 अगस्त 2015 से लागू हो सकेंगे। ऐसे व्यापारियों ने अब 6 माह की मोहलत बढ़ने से राहत की सांस ली है।

फूड सेफ्टी एक्ट

{स्थाई/अस्थाई स्टॉल धारक {हॉकर (चलते-फिरते खाद्य विक्रेता) {घर में स्थित कैंटीन/टिफिन सेंटर {स्नैक्स के छोटे फुटकर विक्रेता/चाय की दुकान {खाद्य वस्तुओं के निर्माता प्रोसेसिंग करने वाले {खाद्य पदार्थों की पुन: पैकेजिंग करने वाले {धार्मिक सभा, मेलों आदि के खाने के स्टॉल {सभी दूध उत्पादक, इसमें सहकारी सोसायटी के सदस्य शामिल नहीं {होटल और ढाबा {मछली, मांस, पोल्ट्री शॉप { स्कूल, कॉलेज, क्लब, मैरिज गार्डन की कैंटीन

कौन से कारोबारी रहे कानून के दायरे में

क्या है फीस

लाइसेंसके लिए अलग-अलग कैटेगरी के कारोबारियों को 5, 3 और 2 हजार रुपए प्रतिवर्ष फीस देनी होगी। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन की फीस 100 रुपए सालाना है। रजिस्ट्रेशन का हर साल नवीनिकरण कराना होता है।

बढ़गई है मियाद

^खाद्यसुरक्षा कानून के प्रावधान को लागू करने की समय सीमा छह माह बढ़ गई है। इसके तहत बिना लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन के कारोबार करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। छह माह बाद लाइसेंस नहीं लेने पर कार्रवाई की जाएगी। राजेशकुमार भानू, खाद्य शाखा प्रभारी

आप जानना चाहते हैं

{250कारोबारियों ने अब तक रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि कम से कम शहर में 600 से 700 जिले में 35 से 40 हजार कारोबारी हैं।

{25 कारोबारी लाइसेंस बनवा चुके हैं। जबकि अनुमानत: शहर में ही करीब 150 जिले में 3 हजार कारोबारी ऐसे हैं, जिनका वार्षिक व्यापार 12 लाख रुपए या इससे अधिक है।

{05 अगस्त 2011 को एक्ट लागू हुआ था। शुरूआत में अगस्त 2012 तक कारोबारियों का मौका दिया गया कि वे लाइसेंस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर लें।