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देवता तो जागे पर विवाह के लिए करना पड़ेगा इंतजार

7 वर्ष पहले
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देवउठनीएकादशी पर देवता के जागते ही शादी का सिलसिला शुरू होता है पर इस बार ऐसा नहीं हो रहा। एकादशी 3 नवंबर को थी और इसके 20 दिन बाद ही शादियां शुरू होंगी। पंचांग के अनुसार सूर्य फिलहाल कन्या राशि में है। शुक्र और गुरु तारे अस्त हैं।

पंचांगों में विवाह के लिए सूर्य, गुरू, शुक्र और चंद्र का शुद्धिकरण जरूरी बताया गया है। देवशयनी एकादशी के बाद यह चारों ग्रह अशुद्ध माने जाते हैं, जो दीपावली के बाद पड़ने वाली देवउठनी एकादशी से शुद्ध होते हैं और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. दुर्गा प्रसाद चतुर्वेदी का कहना है कि

देव उठने के बाद इसी दिन से विवाह मुहूर्त शुरू होते हैं लेकिन इस बार देवउठनी एकादशी के 20 दिन बाद विवाह मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। इसकी वजह शुक्र तारे का अस्त होना है। 2 अक्टूबर को शुक्र अस्त हो गया है। शुक्र अस्त हो जाने के बाद विवाह कार्य नहीं होते हैं। मुहूर्त की शुरुआत 24 नवम्बर से होगी। ऐसे में विवाह योग्य युवक- युवतियों को अभी शादी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

शुरू हो गई तैयारी- जिनघरों में विवाह योग्य युवक और युवती हैं वहां रिश्ते ढूंढने की तैयारी शुरू हो चुकी है। सोने और अन्य जरूरी सामान की खरीददारी भी की जा रही है। इधर ऐसे रिश्ते जो पहले से तय हो चुके थे और देवशयन काल के कारण नहीं हो सके थे वे भी नवंबर और दिसंबर माह में होंगे। ऐसे घरों में सभी तरह की तैयारी शुरू हो चुकी है।

मुहूर्त की कमी- चालूसाल के बचे दो महिनों में विवाह मुहूर्तों की कमी है। नवम्बर में 24, 25, 26, 27 30 तारीख को शुभ मुहूर्त है। दिसम्बर में 1, 2, 5, 6, 7, 13, 14 और 15 तारीख को विवाह का मुहूर्त है। इसके बाद जनवरी में 10, फरवरी में 17 और मार्च में 11 मुहूर्त हैं। जनवरी 2015 में 16, 17, 18, 19, 20, 24, 25, 26, 29 31 तारीख को, फरवरी 2015 में 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 14, 15, 16, 20 ,21, 22, 26, 27, 28 तारीख को तथा मार्च 2015 में 4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14 15 तारीख को विवाह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।