सीबीसी मशीन आई, जिला अस्पताल में अब ब्लड की होगी संपूर्ण जांच
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा
जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। यहां लैब में पहले केवल हीमोग्लोबिन की ही जांच हो पाती थी अब यहां आरबीसी, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स आदि का भी परीक्षण किया जा सकेगा।
इन परीक्षणों के लिए अस्पताल में कंप्लीट ब्लड काउंटर यानि सीबीसी मशीन आ गई है। ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर 100 बेड जिला अस्पताल में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अभी भी ब्लड बैंक, डायलिसिस, बर्न यूनिट जैसी बड़ी आवश्यकताओं का अभाव है फिर भी स्वास्थ्य की दृष्टि से मूलभूत व आम तथा गरीबों के लिए जरूरी सुविधा में जरूर बढ़ोतरी हो रही है। पहले जिला अस्पताल के पैथोलैब में हिमोग्लोबिन, ब्लड, यूरीन, शुगर की ही जांच हो पाती थी। गंभीर बीमार होने पर आरबीसी, डब्ल्यूबीसी और प्लेटलेट्स आदि की जांच कराने की सुविधा अस्पताल में नहीं होने के कारण लोगों को या तो निजी लैब से परीक्षण कराना पड़ता था या फिर बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर के अस्पतालों में जांच कराने की मजबूरी थी।
अब इस प्रकार की जांच जिला अस्पताल में हो जाएगी। इसके लिए सरकार ने जिला अस्पताल में कंप्लीट ब्लड काउंटर यानि सीडब्लयूसी मशीन दे दी है। यह मशीन भी प्रारंभ हो गई है।
जिला अस्पताल में सीबीसी मशीन लगाई गई है। इससे ब्लड परीक्षण के बाद गंभीर बीमारियों के लक्षण का पता चल सकेगा पहले यहां यह सुविधा नहीं थी। दूसरी जगह से परीक्षण कराना पड़ता था। डिजिटल एक्स रे की भी सुविधा इसी सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगी, एक और सी आर्म मशीन लगने से हड्डी रोग का भी बेहतर इलाज होगा। \\\'\\\' हार्दिक सेलारका, अस्पताल सलाहकार
डिजिटल एक्सरे की सुविधा इसी सप्ताह से
जिला अस्पताल में अभी डिजिटल एक्सरे की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीजों को प्राइवेट एक्स रे सेंटर वालों के पास जाना पड़ता है। अब जिला अस्पताल में जीवनदीप समिति के द्वारा डिजिटल एक्स रे मशीन की खरीदी की जा चुकी है। इस सप्ताह इसके भी जिला अस्पताल में प्रारंभ होने का दावा किया जा रहा है।
हड्डियों के ऑपरेशन के लिए दूसरी सी आर्म मशीन भी
करीब दो साल पहले तक हड्डी टूटने वाले मरीजों का जिला अस्पताल में केवल प्राथमिक उपचार हो पाता है, सभी मरीजों को बिलासपुर रेफर कर दिया जाता था। यहां ऑपरेशन की सुविधा नहीं थी, लेकिन इस क्षेत्र में भी जिला अस्पताल में अच्छी सुविधा हो गई है। यहां हड्डी से संबंधित जांच व ऑपरेशन के लिए सी आर्म मशीन लगी है। इस मशीन में कैमरा होने के कारण डॉक्टर आसानी से यह जान लेते हैँ कि हड्डी में कहां पर दिक्कत है और ऑपरेशन कर देते हैं। यहां हड़्डी रोग की जांच करने के लिए दाे डॉक्टर हैं। अब दूसरी सी आर्म मशीन भी जल्दी ही अस्पताल में लगनी वाली है।
मरीजों के लिए ऐसे फायदेमंद
सीडब्ल्यूसी यानि कंप्लीट ब्लड काउंट मशीन से मरीजों के रक्त से संबंधित सभी प्रकार की बीमारियों का परीक्षण किया जा सकेगा। इसके लिए उन्हें दीगर जिलों के निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दूसरा प्राइवेट पैथोलैब में इन परीक्षणों के लिए मरीज को कम से कम पांच से दस हजार रुपए तक एक बार में खर्च करना पड़ता है। जिला में सुविधा होने पर यहां कम कीमत में जांच हो जाएगी। इससे मरीजों का पैसा भी कम खर्च होगा व सहुलियत के साथ जल्दी इलाज भी प्रारंभ हो जाएगा।
क्या होगा फायदा
पहले केवल खून की कमी, शुगर आदि की ही जांच हो पाती थी। आरबीसी या फिर डब्लयूबीसी या प्लेटलेट्स की जानकारी नहीं मिलने पर डॉक्टर मरीज को अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर कर देते थे। अब इस प्रकार की जांच जिला में ही हो जाने से डॉक्टर मरीज की बीमारी का पता लगा सकेंगे। दरअसल डेंगू जैसी बीमारी में प्लेटलेट्स की संख्या अचानक बढ़ने लगती है, वहीं कैंसर जैसी बीमारी में मरीज के शरीर से प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है। इस परीक्षण की सुविधा नहीं होने से बाहर परीक्षण कराने में ही मरीजों को समय लग जाता था और बीमारी और बढ़ जाती थी। हालांकि ऐसे बीमारी की इलाज की सुविधा जिला अस्पताल में नहीं है, लेकिन लक्षण पहले पता चलने पर मरीज को समय पर इलाज मिल सकता है।